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मोदी जी आॅन लाइन दवा बिक्री को मान्यता मिली तो 50 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे। कार्यवाही तो लुटेरे प्राइवेट अस्पतालों पर होनी चाहिए। 28 सितम्बर को देशभर के मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे।

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार यदि आॅन लाइन दवा बिक्री के काम को मान्यता देती है तो देश के 50 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे। दवाओं की आॅन लाइन बिक्री को रोकने के लिए देशभर के 8 लाख केमिस्ट 28 सितम्बर को अपने मेडिकल स्टोर बंद रखेंगे। केमिस्टों का कहना है कि एक मेडिकल स्टोर से चार पांच परिवारों का पोषण होता है। ऐसे में 50 लाख परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। अभी जब बिना मान्यता के ही आॅन लाइन दवा इतनी अधिक मात्रा में बिक रही है तब मान्यता मिल जाने पर मेडिकल स्टोर बंद हो जाएंगे। 
एक ओर नरेन्द्र मोदी स्किल इंडिया में युवाओं को रोजगार दिलवाने की बात कर रहे हैं तो दूसरी ओर 50 लाख लोगों को बेरोजगार किया जा रहा है। केमिस्टों के मेडिकल स्टोर पर ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट लागू होता है, जबकि वर्तमान में बिना नियमों के अवैध तरीके से दवाओं की आॅन लाइन बिक्री हो रही है। डाॅक्टर की पर्ची के बिना केमिस्ट कोई दवा नहीं दे सकता है, जबकि आॅन लाइन दवा बेचने वाली कम्पनियां नशीली दवाएं भी धड़ल्ले से बेच रही है। ऐसा लगता है कि देश में कोई कानून ही नहीं है। दवा निर्माता देशी विदेशी कंपनियां केमिस्टों को अधिकतम 30 प्रतिशत तक कमीशन देती है। इसी कमीशन की राशि में से मेडिकल स्टोर की दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन, बिजली पानी आदि के बिलों का भुगतान करना होता है। लेकिन अब दवा कंपनियां आॅन लाइन बिक्री पर उपभोक्ता को सीधे 25 प्रतिशत तक डिस्काउंडट दे रही हैं। ऐसे में मेडिकल स्टोर तो बंद ही हो जाएंगे। ऐसी अनेक दवाएं होती हैं, जिन्हें फ्रीज में रखा जाना जरूरी होता है।
मेडिकल स्टोर पर यह सुविधा भी होती है। अजमेर जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार मुरजानी और सचिव मदनगोपाल बाहेती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि मान्यता नहीं दी जाए। इस संबंध में और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 9928364787 पर मदन बाहेती से ली जा सकती है।
असली लूट तो प्राइवेट अस्पतालों में होती हैः

मोदी सरकार को यह समझना चाहिए कि दवाओं की बिक्री के नाम पर असली लूट तो देश के अधिकांश प्राइवेट अस्पतालों में होती है। भर्ती मरीज के लिए दवाओं की खरीद अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ही करना जरूरी होता है। यदि मरीज का रिश्तेदार अस्पताल के बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लेता है तो अस्पताल के डाॅक्टर उपयोग में नहीं लेते हैं। ईमानदारी दिखाने के लिए अस्पताल में एमआरपी पर दवाओं की बिक्री की जाती है, जबकि दवा कंपनियों से अस्पताल के लुटेेरे 50 प्रतिशत तक कमीशन वसूलते हैं। कई चोर और बेईमान दवा कंपनियां तो पहले ही एमआरपी ज्यादा लिखते हैं। 
मोदी सरकार को कार्यवाही करनी ही है तो प्राइवेट अस्पतालों में दवाओं की अनिवार्य खरीद को बंद करवा कर करनी चाहिए। बाजारों के मेडिकल स्टोर तो आपसी प्रतिस्पर्धा की वजह से अपने स्थायी ग्राहकों को सस्ती दर पर दवा देते हैं। सरकार को आॅन लाइन दवा बिक्री की अपनी नीति पर फिर से विचार करना चाहिए।



आतंकियों ने कश्मीर में तीन पुलिस कर्मियों को फिर उतारा मौत के घाट। पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ सुषमा स्वराज क्यों कर रही हैं मुलाकात।


पाकिस्तान की सेना ने 19 सितम्बर को ही बीएसएफ के जवान नरेन्द्र सिंह की बर्बर हत्या की तो 21 सितम्बर को कश्मीर पुलिस के तीन जवान कुलदीप सिंह, फिरदौस तथा निसार अहमद के शव बरामद हुए। आतंकियों ने 20 सितम्बर को ही तीनों पुलिस कर्मियों को अगवा किया था। असल में पाकिस्तान समर्थित आतंकी नहीं चाहते हैं कि कश्मीर का कोई नागरिक पुलिस में काम करें। इसलिए चुन चुन कर पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। एक तरफ हमारे कश्मीर में पाकिस्तान ने आग लगा रखी है तो दूसरी और भारत की विदेशी मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि न्यूयार्क में 21 सितम्बर को होने वाले यूएनओ के अधिवेशन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पाकिस्तान के विदेशी मंत्री शाह महमूद कुरैशी  से मुलाकात करेंगी। इस मुलाकात की घोषणा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा हमारे पीएम नरेन्द्र मोदी को लिखी चिट्ठी के बाद की गई है। इमरान ने दोनों देशों के बीच वार्ता की पेशकश की थी। सब जानते है कि इमान खान तो पीएम का मोहरा है, लेकिन पाकिस्तान में असली शासन सेना का है। सेना दिखाने के लिए प्रधानमंत्री को आगे कर देती है तथा कश्मीर में आतंक को जारी रखती है। अब जब कश्मीर में रोजाना हमारे जवान मर रहे हैं तब पाकिस्तान से मुलाकात का क्या तुक है? क्या विदेश मंत्रियों की मुलाकात से कश्मीर में आतंक रुक जाएगा? पाकिस्तान जब तक आतंक को नहीं रोकता, तब तक किसी भी स्तर पर मुलाकात वार्ता नहीं होनी चाहिए। 
भाजपा और नरेन्द्र मोदाी जब विपक्ष में थे, तब स्वयं इसी नीति के पक्ष धर थे। तब भाजपा की ओर से कहा जाता था कि आतंक और वार्ता एक साथ नहीं हो सकती। सवाल  उठता है कि अब भारत मुलाकात करने के लिए इतना उतावला क्यों हो रहा है? पाकिस्तान यदि कश्मीर में आतंक को नहीं रोकता है तो हमें पहले कश्मीर में आतंकियों का सफाया करना चाहिए। हमारे जवानों को मौत के घाट उतारने वाले आतंकियों के खात्मे पर पूरा देश सरकार के साथ खड़ा है। 
देश का कोई भी नागरिक आतंकियों के साथ नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी यह समझना चाहिए कि पाकिस्तान भरोसे के काबिल नहीं है। जब जब भरोा किया, तब तब पाकिस्तान ने धोखा दिया। इमरान खान तो वो ही करेंगे तो सेनाध्यक्ष जनरल बाजवा कहेंगे।


क्या हत्यारे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना जरूरी है?
आखिर कब सिखाया जाएगा सबक?
हमारे सैनिक के साथ बर्बरता।


19 सितम्बर की शाम 6 बजे जब बीएसएफ के जवान नरेन्द्र सिंह का शव जला कटा मिला, तब दुबई में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हो रहा था। मैच के नाम पर सुनील गावस्कर से लेकर राजनेता शरद पंवार तक पैसा कमाने और आनंद लेने में लगे हुए थे, जबकि जम्मू सीमा पर हमारे सैनिक अपने साथी की हत्या का मातम बना रहे थे। 
इसे पाकिस्तान की करतूत ही कहा जाएगा कि नरेन्द्र सिंह को पहले जख्मी हालत में अगवा किया और पाक सैनिकों ने उसकी एक आंख निकाल कर टांग भी काट दी। इतना ही नहीं उसके शरीर में बिजली का करंट दौड़ाया गया। 9 घंटे तक तड़पाने के बाद दो गोली मार कर हत्या कर दी। जिस समय हमारे सैनिकों को तड़पाया जा रहा था, उसी समय हम इस पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। हालांकि नरेन्द्र सिंह शहीद हो चुके हैं, लेकिन उनके शव को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान ने कितनी बर्बरता की होगी? 

समझ में नहीं आता कि हम हत्यारे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने को उतावले क्यों रहते हैं। नरेन्द्र मोदी और भाजपा जब विपक्ष में थे, तब पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच का विरोध सड़कों पर करते थे, लेकिन अब जब सत्ता में आ गए हैं तो पाकिस्तान के साथ क्रिकेट तब खेलते हैं जब सीमा पर पाकिस्तान हमारे सैनिक के साथ बर्बरता कर रहा होता है। बीएसएफ के जवान नरेन्द्र सिंह को जख्मी अवस्था में पाकिस्तान के सैनिकों ने सुबह ही अगवा कर लिया था, लेकिन टीवी चैनलों पर सैनिक से ज्यादा क्रिकेट मैच की चर्चा हो रही थी। किसी को भी अगवा सैनिक की चिंता नहीं थी। जो लोग यह समझते हैं कि क्रिकेट खेलने से पाकिस्तान के साथ संबंध सुधर जाएंगे, वे गलतफहमी में हैं।
भारत कितनी भी विनम्रता दिखा ले, लेकिन पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं है। कहने को तो हमने सर्जिकल स्ट्राइक भी की, लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान हमारे सैनिकों के साथ बर्बरता कर रहा है। अब समय आ गया है कि पूरे देश को एकजुट होकर पाकिस्तान का विरोध करना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान भी यह हकीकत जानता है कि इस मुद्दे पर भारत में एकजुटता नहीं हो सकती। कश्मीर के अलगाववादी पाकिस्तान में शामिल होने की मांग करते हैं और वहीं पंजाब के मंत्री और कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल बाजवा की प्रशंसा कर रहे हैं। 
भारत के जो आतंरिक हालात है, उसे देखते हुए ही पाकिस्तान के सैनिक हमारे जवानों के साथ बर्बरता करते हैं। देश के लोगों को नरेन्द्र मोदी से बहुत उम्मीद थी और आज भी हैं, लेकिन मोदी शासन के चार साल बाद भी हमारे सैनिक बर्बरता के  शिकार होते रहेंगे, तो फिर लोगों की उम्मीद का क्या होगा? पाकिस्तान से क्रिकेट नहीं खेलने का निर्णय लेकर नरेन्द्र मोदी हमारे जख्मों पर कुछ तो मरहम लगा ही सकते हैं। वैसे तो नरेन्द्र सिंह वाली घटना नरेन्द्र मोदी के लिए युद्ध की घोषणा करने जैसी है। यह कुतर्क होगा कि युद्ध से कुछ नहीं होगा। अब पाकिस्तान को युद्ध से ही सबक सिखाया जा सकता है।


सरकार का ऐलान, एक होंगे देना बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और विजया बैंक

केंद्र सरकार ने देश के तीन बड़े बैंको को विलय करने का फैसला किया है। देना बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और विजया बैंक का विलय किया जाएगा जो देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। इस बात की जानकारी वित्तीय सेवा के सचिव राजीव कुमार ने दी।

राजीव कुमार ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में सुधार के प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 2.8 लाख शेल कंपनियों पर ताले लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में मूलभूत सुधार किए जाएंगे।
विलय पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 2008 से पहले 18 लाख करोड़ का लोन था। 2008 से 2014 के बाद ये 55 लाख करोड़ पहुंच गया। 2008 से 2014 के बीच अधिक लोन ने अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। यूपीए सरकार ने एनपीए को छुपाने की कोशिश की।

जानकारी के मुताबिक एनपीए 8.5 लाख करोड़ का था लेकिन 2.5 लाख करोड़ के बारे में सूचना दी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एनपीए की वास्तविक तस्वीर तो 2015 में निकल कर सामने आई। यूपीए की सरकार ने एनपीए को कार्पेट के नीचे छिपा रखा था।वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को विलय से चिंतित नहीं होना चाहिए, किसी भी कर्मचारी को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर है।

तो ख्वाजा साहब की दरगाह में हाजरी लग गई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की। खादिमों के अध्यक्ष मोईन सरकार ने कहा- आप जैसा प्रधानमंत्री आज तक नहीं देखा। अजमेर कलेक्टर आरती डोगरा की वाह-वाही। जियारत के लिए आ सकते हैं पीएम।

इसे एक रणनीति ही कहा जाएगा कि 14 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर की सैफी मस्जिद में आयोजित असरा मुबारक के कार्यक्रम में शरीक हुए, तो 15 सितम्बर को विश्व विख्यात सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर स्थित ऐतिहासिक दरगाह में सीधा संवाद किया। आगामी 2 अक्टूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा है अभियान के शुभारंभ पर 15 सितम्बर को पीएम मोदी ने वीडियो काॅन्फ्रेंस तकनीक के जरिए देशभर के प्रमुख स्थानों से सम्पर्क साधा। अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के अंदर बने ऐतिहासिक महफिल खाने की छत पर सैटेलाइट तकनीक के इस्तेमाल किए गए। 
पूरी दुनिया के मुसलमानों के बीच ख्वाजा साहब का उदार चेहरा है। चूंकि ख्वाजा साहब ने ही सूफीवाद को बढ़ावा दिया, इसलिए भारत में यह माना जाता है कि ख्वाजा साहब के सूफीवाद से ही हिन्दू और मुसलमानों में भाई चारा कायम रह सकता है। ख्वाजा साहब के संदेश को बढ़ाने में दरगाह के खादिमों की खास भूमिका है। यहां खादिम समुदाय की दो संस्थाएं बनी हैं। इसलिए पीएम मोादी से सीधे संवाद के लिए खादिमों की संस्था सैय्यद जादगान के अध्यक्ष मोइन सरकार और शेखजादगान के अध्यक्ष अब्दुल जर्रार चिश्ती का चयन किया गया है। 
हालांकि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ख्वाजा साहब की दरगाह में जियारत के लिए नहीं आए हैं। लेकिन 15 सितम्बर को मोइन सरकार ने जब मोदी से सीधा संवाद किया तो उन्होंने बेझिझक कहा- मोदी जी आपकी हाजरी आज ख्वाजा साहब के दरबार में लग गई है, क्योंकि हम लोग दरगाह के अंदर बैठकर ही आप से बात कर रहे हैं। आप देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जो सीधा संवाद कर रहे हैं। हमें खुशी ही नहीं बल्कि गर्व महसूस हो रहा है कि आप जैसा व्यक्ति देश की कप्तानी कर रहा है। 
मोइन सरकार ने मोदी को बताया कि ख्वाजा साहब की पवित्र मजार पर हिन्दुओं के तीर्थ स्थल पुष्कर से आए गुलाब के फूल पेश किए जाते हैं। अब इन फूलों की खाद बनाकर जायरीन को बांटने का काम किया जा रहा है। दरगाह में प्रतिदिन 50 हजार जायरीन जियारत के लिए आते हैं। हम खादिम समुदाय 50 हजार जायरीन को जब मजार शरीफ पर चढ़े फूलों से बनी खाद के पैकेट देंगे तो ऐसे जायरीन अपने घरों के गमलों में इस खाद का इस्तेमाल करेंगे, तब आपका स्वच्छता अभियान ज्यादा सफल होगा। 
मोइन सरकार ने कहा कि आप देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जो ख्वाजा साहब की दरगाह का विकास पारदर्शिता के साथ करवा रहे हैं। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के प्रयासों से हिन्दुस्तान जिंक के द्वारा 61 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इससे दरगाह क्षेत्र में साफ सफाई का काम होगा। इसी कार्यक्रम में अंजुमन शेाजादगान अध्यक्ष अब्दुल जर्रार चिश्ती ने पीएम मोदी का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। चिश्ती ने कहा कि आपके प्रयासों से ही अजमेर शरीफ स्मार्ट सिटी बन रहा है। 
पीएम गद्दः
ख्वाजा साहब की दरगाह के 5 हजार से भी ज्यादा खादिमों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद से पीएम मोदी भी गद्द नजर आए। पीएम ने दोनों प्रतिनिधियों के संबोधन के दौरान तालियां बजाई। पीएम ने कहा कि पूर्व में गुलाब के फूलों को तालाबों में डाला जाता था, लेकिन अब खाद बनने से जल स्त्रोत भी स्वच्छ होंगे। इससे पर्यावरण भी स्वच्छ होगा। पीएम ने दरगाह से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया।
कलेक्टर की वाहवाहीः
अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के अंदर से मुस्लिम प्रतिनिधियों की प्रधानमंत्री से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग करवाना जोखिम भरा कार्य था, लेकिन अजमेर की जिला कलेक्टर आरती डोगरा ने इस जोखिमपूर्ण चुनौती को स्वीकार किया और बिना किसी बाधा के दरगाह से पीएम का सीधा संवाद करा दिया।  कलेक्टर की भूमिका से सीधा संवाद ही नहीं हुआ, बल्कि खादिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने पीएम मोदी की प्रशंसा करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। सीधे संवाद के दौरान पीएम के सामने गड़बड़ी न हो इसके लिए एक दिन पहले ही कलेक्टर ने दोनों अध्यक्षों के साथ संवाद का रिहर्सल किया। दरगाह के ऐतिहासिक महफिल खाने की छत पर छतरी लगाने आदि का कार्य भी करवाना महत्वपूर्ण था। कलेक्टर ने इतनी सतर्कता बरती की सुबह से ही महफिल खाने की छत पर किसी को भी नहीं जाने दिया।
जियारत के लिए आ सकते हैं पीएमः

जानकार सूत्रों की माने तो दरगाह से सीधा संवाद सफल हो जाने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दरगाह आने और जियारत करने की संभावना बढ़ गई है। राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा का समापन इसी माह के अंतिम दिनों में हिन्दुओं के पवित्र तीर्थ स्थल में होगा। तय कार्यक्रम के अनुसार इस समारोह में मोदी भी भाग लेंगे। पुष्कर और अजमेर की दूरी मात्र दस किलोमीटर है। पीएम जब पुष्कर में पूजा अर्चना करेंगे तो जियारत के लिए दरगाह भी आएंगे।


इंदौर की सैफी मस्जिद में प्रधानमंत्री मोदी ने शाॅल ओढ़ा और इबादत करने वाली तस्बीह भी ग्रहण की। बोहरा मुसलमानों  के धर्म गुरु सैय्यदना साहब ने मोदी के जीवन में गम नहीं आने के लिए दुआ की।

14 सितम्बर को यह पहला मौका रहा जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की किसी मस्जिद में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए। इंदौर में इमाम हुसैन की शहादत के असरा मुबारक का कार्यक्रम सैफी मस्जिद में हुआ। इस समारोह में भाग लेने के लिए दाउदी बोहरा समाज के धर्मगुरु सैय्यदना मुफद्दल सैफुद्दीन खासतौर से इंदौर आए।  इसी समारोह में पीएम मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने भी भाग लिया। समारोह में धर्मगुरु सैय्यदना साहब ने पीएम मोदी को शाॅल ओढ़ाया और इबादत के लिए तस्बीह (माला) भी दी। 
मोदी ने पूरी अकीदत के साथ मुस्लिम धर्मगुरु के सामने सिर झुकाकर और आभार प्रकट किया। मस्जिद परिसर में बैठे मुसलमानों के बीच जाकर मोदी ने अभिवादन स्वीकार किया। अपने प्रवचन में सैय्यदना साहब ने कहा कि मेरी दुआ है कि मोदी को कभी गम न हो। भारत में मुसलमान बहुत सुकून और सम्मान के साथ रह रहा है। धर्मगुरु ने अपना पूरा प्रवचन गुजराती भाषा में देते हुए कहा कि वतन से मोहब्बत ही इमान है, जिस प्रकार हम अपने घर और मोहल्ले को साफ रखते हैं उसी प्रकार दिल भी साफ रहना चाहिए। 17 सितम्बर को पीएम मोदी के जन्मदिन की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि परवरगिदार हमेशा आपकी हिफाजत करे। 
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि असरा मुबारक के कार्यक्रम में भाग लेना मेरा सौभाग्य है। इमाम हुसैन साहब ने अन्याय और अहंकार के विरुद्ध आवाज को बुलंद किया था। उनका यह संदेश आज भी प्रसांगिक है। बोहरा समाज की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि माहत्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में डांडी यात्रा निकाली थी, तब महात्मा गांधी बोहरा समाज के पूर्व धर्मगुरु सैय्यदना साहब के घर ठहरे थे। 
आजादी के बाद इस सैफी विला को समाज ने राष्ट्र को समर्पित कर दिया। मैं तो दाउदी बोहरा समाज का सदस्य हंू। यहां आकर अपनापन महसूस करता हंू। धर्मगुरु सैय्यदना साहब ने मुझे जन्म दिन का जो आशीर्वाद दिया है। उससे मैं और ऊर्जा व ताकत के साथ देश की सेवा करुंगा। 
भारत में 15 लाख दाउदी बोहरा मुसलमानः

नवम्बर में होने वाले तीन बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव और अगले वर्ष लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी का मस्जिद में जाना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दाउदी बोहरा समाज की भारत में करीब 15 लाख की आबादी है और सैय्यदना मुफद्दल साहब को सबसे बड़ा धर्मगुरु माना जाता है। सैय्यदना साहब के प्रति कितनी अकीदत है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके आगमन पर इंदौर में 2 लाख दाउदी बोहरा मुसलमान एकत्रित हुए हैं। 14 सितम्बर को इंदौर में सड़कों पर चलना मुश्किल था।

 राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब नहीं दिया।
भगौड़ा विजय माल्या भाजपा-कांगे्रस और जेडीएस के विधायकों  के वोट से दो बार बना सांसद।

भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपया लेकर भागा शराब कारोबारी विजय माल्या भले ही लंदन में ऐश की जिन्दगी जी रहा हो, लेकिन यहां भारत की राजनीति में माल्या को लेकर तूफान आया हुआ है। 12 सितम्बर को कोर्ट की पेशी के दौरान माल्या ने कहा था कि दो मार्च 2016 को भारत छोड़ने से पहले वह केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से संसद में मिला था। 
माल्या के इस बयान पर 13 सितम्बर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस की और केन्द्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी का कहना रहा कि माल्या सरकार की मदद से लंदन भगा है। माल्या और अरुण जेटली के बीच हुई मुलाकात के गवाह के तौर पर राहुल गांधी ने कांग्रेस के सांसद पीएल पुनिया को चश्मदीद गवाह के तौर पर प्रस्तुत किया। पुनिया ने कहा कि अरुण जेटली ने ही माल्या को बताया था कि भारत में परेशानी होगी, इसलिए विदेश भाग जाओ। राहुल के इन आरोपों से माल्या के बयान की भी पुष्टि होती है।
 राहुल गांधी ने यह प्रेस काॅन्फ्रेंस 13 सितम्बर को दोपहर डेढ़ बजे दिल्ली में की। लेकिन इससे पहले एक बजे भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने जो प्रेस काॅन्फ्रेंस की उसमें राहुल गांधी और तत्कालीन यूपीए की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। आरबीआई और एसबीआई के पत्र दिखाते हुए भाजपा की ओर से कहा गया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह और राहुल गांधी का परिवार विजय माल्या पर मेहरबान रहा। इसलिए किंग फिशर एयर लाइंस के लोन का कई बार रिस्ट्रेक्चर किया गया।
पात्रा का कहना रहा कि सोनिया गांधी से लेकर प्रियंका गांधी तक किंग फिशर एयर लाइंस में मुफ्त में सफर करती थीं। खुद विजय माल्या ने एक पत्र में स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दखल की वजह से ही एसबीआई से 500 करोड़ रुपए का लोन स्वीकृत हुआ। भाजपा ने राहुल गांधी के द्वारा कोलकाता की आरपीजी कंपनी से एक करोड़ रुपए का लोन मामला भी रखा। आरोप लगाया गया कि यह फर्जी कंपनी थी, जिससे राहुल गांधी को फायदा पहुंचा। भाजपा के इन आरोपों का जवाब राहुल गांधी ने अपनी प्रेस काॅन्फ्रेंस में नहीं दिया। हालांकि भाजपा ने राहुल गांधी को जवाब देने की चुनौती दी थी। असल में भाजपा को यह पता चल गया था कि राहुल गांधी भी विजय माल्या के मुद्दे पर प्रेस काॅन्फ्रंेस कर रहे हैं इसलिए राहुल गांधी से पहले ही भाजपा ने प्रेस काॅन्फ्रंेस कर गंभीर आरोप लगा दिए। 
सांसद बनाने में सबकी मददः

भगौड़े विजय माल्या से अब भाजपा और कांग्रेस भले ही दूरी दिखा रहे हों, लेकिन इन्हीं पार्टियांे के विधायकों के वोट से विजय माल्या दो बार कर्नाटक से राज्य सभा के सदस्य के तौर पर चुने गए। 2002 में कांग्रेस और जेडीएस ने सांसद बनवाने में मदद की तो 2010 में भाजपा और जेडीएस के विधायकों के वोट से माल्या सांसद बने। अच्छा हो कि राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाए माल्या के खिलाफ कार्यवाही करवावें। माल्या के विदेश भाग जाने से पंजाब नेशनल बैंक की आर्थिक स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। 

एक बार फिर अलगाववादियों के साथ खड़े हैं महबूबा और फारुख अब्दुल्ला। अब पंचायत चुनाव के बहिष्कार की धमकी।

अनुच्छेद 35ए के मुद्दे पर एक बार फिर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल काॅन्फ्रेंस के शीर्ष नेता फारुख अब्दुल्ला कश्मीर के अलगाववादियों के साथ खडे़ हैं। दोनों नेताओं का कहना है कि अनुच्छेद 35ए पर केन्द्र सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि सरकार अपनी राय जाहिर नहीं करती है तो कश्मीर में होने वाले पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
 हाल ही में जब सुप्रीम कोर्ट में 35ए पर सुनवाई हुई थी, तब केन्द्र सरकार ने पंचायत चुनाव की दुहाई देकर सुनवाई को टालने का आग्रह किया था। सरकार के इस आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को जनवरी तक के लिए टाल दिया। सरकार को उम्मीद थी कि अब कश्मीर में पंचायत चुनाव हो सकेंगे। लेकिन चुनाव की घोषणा से पहले ही महबूबा मुफ्ती और फारुख अब्दुल्ला ने केन्द्र सरकार के सामने एक नई समस्या खड़ी कर दी है।
हालांकि अभी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की राय सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की मांग से केन्द्र सरकार दबाव में है। असल में अनुच्छेद 35ए और 370 की वजह से ही कश्मीर पूरे देश से अलग थलग है। इसी का फायदा कश्मीर घाटे के अलगाववादियों को मिलता है। इन अनुच्छेदों के प्रावधानों से ही अलगाववादी कश्मीर को भारत से अलग करना चाहते हैं। हालांकि महबूबा मुफ्ती और फारुख अब्दुल्ला भारतीय संविधान की शपथ लेकर मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री तक रह चुके हैं, लेकिन जब ये नेता विपक्ष में होते हैं तो अलगाववादियों के साथ खडे़ नजर आते हैं। देखना है कि इस नई मुसीबत से केन्द्र सरकार कैसे निपटती है।

भाजपा सांसद ने भी कहा  40 रुपए होने चाहिए पेट्रोल  के दाम

पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष तो मोदी सरकार को घेरने में लगा हुआ ही है साथ ही अब भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने भी पेट्रोल के दामों में कमी करने की वकालत की है। भाजपा सांसद सुब्रहमण्यन स्वामी ने कहा है कि पेट्रोल की कीमते इतनी नहीं बढ़ानी चाहिए कि लोग विद्रोह पर उतर आएं। पेट्रोल की कीमत 40 रुपए होनी चाहिए।


स्वामी ने कहा है कि सरकार को पेट्रोल की कीमतों में स्थिरता लानी चाहिए। जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो ईंधन की कीमतें भी बढ़ाई जाती हैं, यह माइक्रोइकोनॉमिक्स (सूक्ष्म अर्थव्यवस्था) है। मैं इस व्यवस्था के पक्ष में नहीं हूं, क्योंकि इसमें सिर्फ दो पक्ष (क्रेता और विक्रेता) ही भागीदार होते हैं), लेकिन यहां पूरी अर्थव्यवस्था इसमें भागीदार है, इसलिए यह मैक्रोइकोनॉमिक्स (व्यापक अर्थव्यवस्था) है।


उन्होंने कहा कि मुझे लगता है व्यापक अर्थव्यवस्था में पेट्रोल की कीमत 40 रुपये होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पेट्रोलियम मंत्री से कहना चाहिए कि उन्हें इसे अर्थव्यवस्था के एक भाग के रूप में लेकर सोचना चाहिए।

आज तक चैनल के सर्वे में भाजपा की राजस्थान में सबसे खराब स्थिति। पर राहुल के मुकाबले में मोदी आगे। भास्कर और एबीपी वाले वसुंधरा को पहले ही हरा चुके हैं।

देश का नम्बर वन न्यूज चैनल होने का दावा करने वाले आज तक न्यूज चैनल की ओर से 7 सितम्बर की रात को मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सर्वे के आंकड़े जारी किए गए। इन दिनों राज्यों में नवम्बर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। आंकड़ों के मुताबिक तीनों राज्यों में से भाजपा की सबसे खराब स्थिति राजस्थान में हैं।
 राजस्थान में 48 प्रतिशत लोग सत्ता परिवर्तन के पक्ष में हैं, जबकि मुख्यमंत्री के तौर पर वसुंधरा राजे (भाजपा) और अशोक गहलोत (कांग्रेस) को 35-35 प्रतिशत समर्थन मिला है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के समर्थन में 11 प्रतिशत वोट मिले। लेकिन वहीं राजस्थान के 57 प्रतिशत लोग प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी को देखना चाहते हैं। यहां राहुल गांधी को 35 प्रतिशत समर्थन मिला है।
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुकाबले राजस्थान में भाजपा और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की स्थिति खराब है। आज तक के सर्वे के मुताबिक मध्यप्रदेश में 40 प्रतिशत लोग परिवर्तन चाहते हैं, लेकिन 41 प्रतिशत लोग भाजपा सरकार के पक्ष में हैं। वहीं मुख्यमंत्री के तौर पर 46 प्रतिशत लोग शिवराज सिंह चैहान के पक्ष में ही है, जबकि 32 प्रतिशत ने कांग्रेस के ज्योतिरादित्य के पक्ष में सहमति दी है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 34 प्रतिशत लोग सत्ता परिवर्तन चाहते हैं,वहीं 39 प्रतिशत लोगों ने भाजपा सरकार का काम काज अच्छा बताया है।
 सीएम के चेहरे में भी वर्तमान मुख्यमंत्री रमनसिंह ने 41 प्रतिशत लोगों का समर्थन हासिल किया है, जबकि कांग्रेस की ओर से भूपेश बघेल को 21 प्रतिशत लोगों का समर्थन है। 12 प्रतिशत लोगों ने अजीत जोगी के पक्ष में राय दी है।
भास्कर और एबीपी पहले ही हरा चुके हैंः

आज तक न्यूज चैनल तीसरा ऐसा मीडिया घराना है, जिसने राजस्थान में भाजपा और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की स्थिति को कमजोर माना है। इससे पहले देश के सबसे बड़े अखबार भास्कर और प्रमुख न्यूज चैनल एबीपी ने भी अपने सर्वे में राजस्थान में वसुंधरा राजे को हारा हुआ माना था।
 भाजपा के लिए राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बात यह है कि राजस्थान में प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता तो शिखर पर है, लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर वसुंधरा राजे की स्थिति बहुत कमजोर है।

नोट बदलने के नियमों में आरबीआई ने किया बड़ा बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक ने कटे-फटे नोट बदलने के नियमों में शुक्रवार को बदलाव किया। केंद्रीय बैंक द्वारा 2,000 रुपए, 200 रुपए और अन्य कम मूल्य की मुद्रा पेश किये जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। वर्ष 2016 के नवंबर में नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने 200 रुपए और 2,000 रुपए के नोट पेश किये। इसके अलावा 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए, 100 रुपए और 500 रुपए छोटे नोट पेश किये थे।

रिजर्व बैंक के देश भर में कार्यालयों या मनोनीत बैंक शाखाओं में कटे-फटे नोट बदले जा सकते हैं। नोट की स्थिति पर आधे मूल्य या पूरे मूल्य पर इन्हें बदला जा सकता है। रिजर्व बैंक (नोट वापसी) नियम 2009 में संशोधन करते हुए केंद्रीय बैंक ने कहा कि महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला में कटे-फटे नोट को बदलने में लोगों को सुविधा के लिये यह कदम उठाया गया है। 


नई श्रृंखला के नोट पूर्व की श्रृंखला के मुकाबले छोटे है। ये नियम तत्काल प्रभाव से अमल में आ गये हैं। रिजर्व बैंक ने कहा, 'साथ ही 50 रुपए और उससे अधिक मूल्य के नोट के मामले में पूर्ण मूल्य के भुगतान के लिये नोट के न्यूनतम क्षेत्र की जरूरत को लेकर भी नियम में बदलाव किये गये हैं...।'


पीएम मोदी 13 सितंबर को बीजेपी कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद

भारतीय जनता पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करने जा रहे हैं। खबर है कि 13 सितंबर गुरुवार को पीएम मोदी चुनाव 2019 और आगामी राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को मूल मंत्र देंगे।


बता दें कि 2014 में बीजेपी के नेतृत्व में बनी केंद्र सरकार के 5 साल पूरे होने जा रहे हैं। एक बार फिर पीएम मोदी चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर उनमें जोश भरेंगे। एक संवाद के दौरान पीएम मोदी ने खुद कहा था कि चुनाव में बीजेपी की जीत के पीछे कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास और जी तोड़ मेहनत का परिणाम है।

पीएम मोदी का भाषण सुनने में न तो केन्द्रीय मंत्री और न ही राजस्थान के मंत्री ने रुचि दिखाई। अजमेर में सिर्फ पोस्टल विभाग के कार्मिकों ने ही सुना भाषण।

इसे बेहद ही अफसोसनाक ही कहा जाएगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लाइव भाषण सुनने में केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, राजस्थान के स्कूली शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी, राजस्थान हज कमेटी के अध्यक्ष अमीन पठान तथा भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। 
एक सितम्बर को पीएम मोदी ने दिल्ली में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का शुभारंभ किया। देशभर के डाकघरों में प्रधानमंत्री का लाइव भाषण सुनने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया। केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी तो इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए खासतौर से अजमेर आए।
 नकवी के साथ राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी, राजस्थान हज कमेटी के अध्यक्ष अमीन पठान, अजमेर भाजपा के पदाधिकारियों ने भी मुख्य डाक घर के परिसर में आयोजित समारोह में भाग लिया। 
नए खाताधारकों को पासबुक भी वितरित की, लेकिन सत्ता का सुख भोग रहे किसी भी मंत्री के पास इतना समय नहीं था कि वे समारोह में बैठ कर पीएम मोदी का लाइव भाषण सुने। नकवी, देवनानी और पठान थोड़ी देर पहले तक तो पीएम के विजन की प्रशंसा कर रहे थे, लेकिन पीएम का भाषण शुरू होने से पहले ही केन्द्र और राज्य के मंत्री समारोह से चले गए। कहा गया कि मंत्रियों को जरूरी कार्य है। ऐसे में दक्षिण क्षेत्र के पोस्ट मास्टर जनरल राम भरोसा के नेतृत्व में डाक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ही मोदी का भाषण सुना। चूंकि बैंक परिसर का उद्घाटन शिक्षा मंत्री देवनानी को करना था। इसलिए वे पीएम मोदी का भाषण खत्म होने के बाद दोबारा से डाक घर आए और फीता काट कर उद्घाटन किया। अब इन मंत्रियों और भाजपा के नेताओं के पास ासै बहाने होंगे, लेकिन सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री का भाषण सुनने से बड़ा कौन सा कार्य हो सकता है? जब सत्तारूढ़ दल के मंत्री और नेता ही भाषण नहीं सुनेंगे तो फिर आम लोगों से क्या उम्मीद की जाए? असल में भाजपा के नेता सत्ता में इतने मदहोश है कि अब उन्हें अपने प्रधानमंत्री की भी परवाह नहीं है। जबकि प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए डाक विभाग ने शानदार इंतजाम किए थे।
भदेल, हेड़ा आदि तो आए ही नहींः
डाक विभाग ने अजमेर शहर की भाजपा विधायक और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा आदि को भी आमंत्रित किया था, लेकिन ये लोग तो समारोह में भी उपस्थित नहीं हुए।
मेयर और पार्षद ने सुना भाषणः

बैंक के शुभारंभ का एक अन्य समारोह अजमेर में ही रामनगर स्थित डाक विभाग के सेंट्रल स्टोर परिसर में भी आयोजित किया गया था। इस समारोह का मुख्य अतिथि मेयर धर्मेन्द्र गहलोत और अतिथि क्षेत्रीय पार्षद ज्ञान सारस्वत को बनाया। इन दोनों ही अतिथियों ने पीएम का पूरा भाषण सुना और फिर तय कार्यक्रम के अनुसार उद्घाटन की रस्म भी अदा की।

बनारस के भाजपा कार्यकर्ताओं को पीएम नरेंद्र मोदी ने नमो एप से दिए टिप्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो एप के जरिए सोमवार को वाराणसी के चार पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं से संवाद किया और यहां चल रहे विकास कार्यो के बाबत पूछने के साथ ही प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियों को लेकर टिप्स दिए.

नवीन कपूर ने संवाद के दौरान पीएम को बताया कि जर्मनी, फ्रांस और जापान के राष्ट्राध्यक्ष के आने के बाद से काशी में पर्यटन उद्योग धंधे को नई संजीवनी मिली है. बीएचयू में बन रहे कैंसर अस्पताल को लेकर नवीन कपूर ने पीएम को बधाई दी.


पीएम ने कहा कि जर्मनी, फ्रांस के राष्ट्रपति व जापान के पीएम आज भी कहते हैं काशी घूमना मतलब भारत घूमना है. काशी में जैसा अभूतपूर्व स्वागत हुआ और कही नहीं. कैंसर अस्पताल के निर्माण पर मोदी बोले की पूर्वाचल की जनता को इसकी बहुत जरूरत थी. 

पीएम ने प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियों के लिए सभी कार्यकर्ताओं को जुटने का आह्वान किया और कहा कि काशी को स्वच्छता के नए मुकाम पर ले जाना है.

बिहार: 'सियासी खीर' के लिए उपेन्द्र कुशवाहा नहीं लेंगे यदुवंशियों का दूध 

2019 के आम चुनाव से पहले बिहार में सियासी खीर बनाने की जुगत में भटक रहे आरएलएसपी नेता उपेंद्र कुशवाहा ने दूध की तलाश शुरू कर दी है। चावल रखने वाले कुशवाहा नेता दूध के लिए कभी यदुवंशियों को डोरे डालते हैं तो कभी मौजूदा साथी से चीनी की उम्मीद लगा बैठते हैं, लेकिन असमंजस की स्थिति ऐसी है कि दिन बदले के साथ ही बयान भी बदल जाता है।

यदुवंशियों के दूध से खीर बनाने के अपने बयान से पलटते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को कहा कि ना आरजेडी से दूध ना बीजेपी से चीनी मांगा है। हमने अपनी पार्टी के लिए सभी समाज से समर्थन मांगा है। आरएलएसपी मज़बूत होगी तो एनडीए मज़बूत होगा और एनडीए मज़बूत होगा तो देश मज़बूत होगा और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री होंगे।


गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को पटना में एक कार्यक्रम में महागठबंधन में शामिल होने के संकेत दे दिए। उन्होंने कहा था कि यदुवंशियों (यादवों) का दूध और कुशवंशियों (कुशवाहा समाज जिससे उपेंद्र कुशवाहा आते हैं) का चावल मिल जाए तो खीर बढ़िया होगी। और इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनने से कोई रोक नहीं सकता है।

पीएम मोदी ने बाढ़ प्रभावित केरल को और मदद का आश्वासन दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के राज्यपाल पी सदाशिवम को आश्वासन दिया है कि बाढ़ प्रभावित राज्य को तय प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष से और केंद्रीय सहायता दी जाएगी.

राज्यपाल ने बाढ़ के चलते केरल के लोगों की मुश्किलों के बारे में बताने के लिए शनिवार को जब नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की तो मोदी ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्य को जारी की गई 600 करोड़ रुपये की राशि केवल अग्रिम मदद राशि है.


राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को केरल में राहत और बचाव कार्यों की गति से भी अवगत कराया. इसमें कहा गया, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केंद्र द्वारा जारी 600 करोड़ रुपये की राशि केवल अग्रिम सहायता है और आश्वासन दिया कि तय प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष से अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी.

अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर पीएम को आमंत्रण देने दिल्ली रवाना हुई रसूलन बीबी

परमवीर चक्त्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के 53वें शहादत दिवस पर 10 सितंबर को जिले के धामूपुर में आयोजित कार्यक्त्रम के मुख्यअतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो सकते हैं. वीर अब्दुल हमीद की पत्‍‌नी रसूलल बीबी इसके लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रण देने के लिए 25 अगस्त शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना हुई. उनके साथ पोते जमील आलम भी हैं.

रसूलन बीबी ने कि हर वर्ष परमवीर चक्त्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर देश व प्रदेश के महत्वपूर्ण लोग आते हैं. इस बार हमारी इच्छा है कि एक देश के प्रधानमंत्री भी शहीद की धरती पर आयें.


उन्होंने आगे बताया कि पिछले वर्ष दीपावली के दिन प्रधानमंत्री मोदी शहीद के मजार पर पहुंचे थे तथा उन्हें श्रद्धाजलि देकर सेना के बीच में ही दीवाली मनायी थी. बता दें कि परमवीर चक्त्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के 52वें शहादत दिवस पर पिछले वर्ष 10 सितंबर को उनके पैतृक आवास धामूपुर में आयोजित कार्यक्त्रम में राज्यपाल राइनाईक व थल सेनाध्यक्ष विपिन रावत ने शिरकत की थी.

पीएम मोदी ने दी ओणम की शुभकामनाएं

दक्षिण भारत में आज ओणम का त्योहार मनाया जा रहा है.ओणम केरल का एक प्रमुख त्योहार है.इस दिन सुन्दर फूलों से घरों को सजाया जाता है. महिलाएं और बच्चियां इस दिन नाचने गाने में मस्त रहती हैं और पुरूष तैरने और नौका दौड़ में भाग लेते हैं. कहा जाता है कि इस दिन इनके राजा महाबली लोगों को आशीर्वाद देने पाताल लोक से आते हैं. यह प्राचीन राजा महाबली के याद में मनाया जाता है. यह पर्व दस दिनों तक चलाता है इन दस दिनों मे घरों में फूलों की रंगोली बनाई जाती है.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ओणम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देश में सद्भाव एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जो भी परेशानियां और विपत्तियां आई हैं उनका सामना करने वाले केरलवासियों को ओणम की शुभकमनाएं. हर दुख को भूल कर एक नई शुरूआत करें. पूरा देश केरल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आप सभी की खुशहाली की प्रार्थना कर रहा है.

मुस्लिम महिलाओं ने पीएम मोदी को भेजी राखी बदले में मांगा यह तोहफा

रक्षाबंधन के मौके पर पीएम मोदी गुजरात की अपनी बहनों को तोहफे में मकान दे चुके हैं. अब वाराणसी की बारी है. यहां भी उनकी बहने राखी पर एक खास तोहफा मांग रही हैं. मोदी के अपने संसदीय जिले से मुस्लिम महिलाओं ने अपने हाथों से राखी बनाकर पीएम के लिए भेजी है. वे चाहती हैं कि मोदी उन्हें तोहफे में हलाला से मुक्ति दिलवा दें.

मुस्लिम महिला फाउंडेशन से जुड़ी मुस्लिम महिलाओं ने अपने हाथ से विशेष राखी तैयार की हैं. जिसमें पीएम की तस्वीर लगी हुई है. उन्होंने पीएम मोदी को राखियां भेजकर उनकी लंबी उम्र के लिए अल्‍लाह से दुआ मांगी.


राखी के साथ मुस्लिम महिलाओं ने मोदी को पत्र भेजा है. पत्र में भाई पर भरोसा जताने संग पूरे विश्‍व में भारतीयों की इज्‍जत अफजाई करने और सामाजिक कुरीति से छुटकारा दिलाने का कठोर फैसला लेने के लिए मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़े होने की बात कही गई है.

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नेपाल जाएंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काठमांडू में अगले हफ्ते 30 एवं 31 अगस्त को होने वाले चौथे ‘बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक को-ऑपरेशन’ (बिम्सटेक) सम्मेलन में शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन आतंकवाद के खिलाफ सदस्य देशों को आपसी सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सम्मेलन में सदस्य देश पाकिस्तान पर आतंकवाद के खात्मे को लेकर दबाव बना सकते हैं। बैठक के महत्वपूर्ण बिंदुओं में क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार में बढ़ोत्तरी भी शामिल है। इसके गरीबी निवारण, जलविद्युत और जलवायु परिवर्तन आदि के एजेंडे पर भी बातचीत होगी। नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) प्रीति सरन ने बताया कि बैठक में सदस्य देशों के बीच सैन्य अभ्यास के आयोजन को लेकर भी विचार विमर्श हो सकता है।

इसके अलावा मुक्त व्यापार समझौते पर विचारों का आदान-प्रदान होगा। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना, थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा, म्यांमार के प्रधानमंत्री, भूटान के अंतरिम मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष छिरिंग तोग्वे शामिल होंगे। सम्मेलन से इतर भारत और नेपाल के बीच अलग से दो महत्वपूर्ण समझौते होने वाले हैं।


नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने संवाददाताओं को बताया कि नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की मौजूदगी में रक्सौल - काठमांडू रेल और बल्क कार्गो के मसले पर अहम समझौता होगा। बैठक में बिम्सटेक देशों के विदेश मंत्री और राज्य मंत्री भी शामिल होंगे।

एशियन गेम्स- सातवें दिन का दीपिका पल्लीकल ने दिलाया पहला पदक

इंडोनेशिया में जारी 18वें एशियाई खेलों के सातवें दिन भारत को पहला पदक स्क्वाश में दिपिका पल्लीकल ने दिलाया है। भारत की स्टार स्क्वॉश खिलाड़ी दीपिका पल्लीकल यहां जारी 18वें एशियाई खेलों के सातवें दिन शनिवार को महिला एकल वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रहीं। यह भारत का सातवें दिन पहला पदक है। दीपिका को सेमीफाइनल में मलेशिया की निकोल एन डेविड ने एकतरफा मुकाबले में 3-0 से मात देकर कांस्य पदक तक सीमित कर दिया।

दीपिका ने इससे पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए जापान की मिसाकी कोबायाशी को 3-0 से करारी शिकस्त दी थी। 28 वर्षीय दीपिका ने 2014 में दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुए एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया था।

उन्होंने गुरुवार को हुए अंतिम-16 के मैच में मेजबान देश इंडोनेशिया की येनी सिटि रोहमाह को 3-0 से मात दी थी। दीपिका ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उनसे सेमीफाइनल में भी जीत की उम्मीद थी हालांकि 26 साल की यह खिलाड़ी सेमीफाइनल में अपनी फॉर्म को जारी नहीं रख पाईं और कांस्य तक ही रूक गईं।

भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन को 18वें एशियाई खेलों के छठे दिन भी जारी रखा था जिसमें भारत की दो महिला खिलाड़ी और एक पुरुष खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ की कम से कम तीन कांस्य पदक पक्के किए। 


महिला एकल स्पर्धा में दीपिका के साथ जोशना चिनप्पा ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। पुरुषों में सौरभ घोषाल ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन हरमिंदर पाल सिंह संधू को हरा कर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इस तरह से इन तीनों खिलाड़ियों ने देश के लिए कांस्य पदक पक्का किया था। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम बदलें तो मिल सकते हैं भाजपा को वोट : अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल भले ही दिल्ली में अपनी सीएम की कुर्सी नहीं बचा पा रहे हों पर वे खुद पीएम मोदी को सलाह देने से बाज नहीं आते. आज भी उन्होंने अपने एक बयान के जरिए मोदी को अपना नाम बदलने की सलाह दे डाली है.

खबर है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम जल्द ही एक प्रस्ताव पर चर्चा करेगा कि दिल्ली में स्थित रामलीला मैदान का नाम बदल कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वापपेयी के नाम पर रख दिया जाएगा. अब यह बात केजरीवाल के गले नहीं उतर रही है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि रामलीला मैदान इत्यादि के नाम बदलकर अटल जी के नाम पर रखने से वोट नहीं मिलेंगे. भाजपा को प्रधान मंत्री जी का नाम बदल देना चाहिए. तब शायद कुछ वोट मिल जायें. क्योंकि अब उनके अपने नाम पर तो लोग वोट नहीं दे रहे.

लंदन में बोले राहुल- 1984 के सिख विरोधी दंगे में कांग्रेस नहीं थी शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि ‘1984 में देश में हुए सिख विरोधी दंगे में कांग्रेस शामिल नहीं थी’, जिसमें करीब 3,000 सिखों का कत्लेआम किया गया था और अधिकतर यह राष्ट्रीय राजधानी में हुई थी। उस समय केन्द्र में कांग्रेस पार्टी की सत्ता थी।

यूके पार्लियामेंट में एक कार्यक्रम के दौरान सीएनएन-न्यूज 18 की तरफ से 1984 के दंगे के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल ने कहा- “उसको लेकर मेरे दिमाग में कहीं कोई संशय नहीं है, यह एक काफी पीड़ादायक अनुभव था। आप कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी इसमें शामिल थी, मैं इससे सहमत नहीं हूं। निश्चित रूप से, हिंसा हुई और यह एक बड़ी घटना थी।”

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में इंटरेक्टिव सेशन के दौरान उनसे एक बार फिर से सिख विरोधी दंगे और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान के बारे में पूछा गया। जिसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा- “जब मनमोहन सिंह ने कहा, वह हम सभी की तरफ से कहा। जैसे की मैनें पहले कहा, मैं हिंसा का भुक्तभोगी हूं और मैं यहां जानता हूं कि इसकी पीड़ा क्या होती है।”


राहुल ने आगे कहा- “इसलिए, मैं इस धरती पर किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा के विरोध में हूं। किसी को परेशान होते हुए देखकर मैं खुद व्याकुल हो जाता हूं। इसलिए, मैं सौ फीसदी निंदा करता हूं और किसी भी हिंसा में शामिल किसी के भी खिलाफ सौ फीसदी उसे दंडित करना का समर्थन करता हूं। ये बिल्कुल साफ है।”

एशियन गेम्स-2018: रोइंग में 🇮🇳 भारत ने जीता स्‍वर्ण पदक, दो कांस्‍य पदक भी जीते

एशियन गेम्स-2018 की रोइंग इवेंट में आज भारत ने एक स्‍वर्ण सहित तीन पदक जीतकर शानदार शुरुआत की है। रोइंग की क्‍वाड्रुपल स्‍कल्‍स इवेंट में सवर्ण सिंह, दत्‍तू भोकानल, ओमप्रकाश और सुखबीर सिंह ने देश को स्‍वर्ण पदक का तोहफा दिया। इससे पहले, भारत ने शुक्रवार की शुरुआत दो कांस्‍य पदक जीतकर की थी।

भारत की ओर से पहला कांस्‍य रोइंग की लाइटवेट सिंगल्‍स स्‍कल्‍स इवेंट में दुष्‍यंत चौहान ने हासिल किया था। इसके बाद, रोइंग के ही डबल्‍स स्‍कल्‍स इवेंट में रोहित कुमार और भगवान सिंह ने देश को कांस्‍य पदक दिलाए। तलवारबाजी के महिला वर्ग के ईपी टीम इवेंट में भारत ने इंडोनेशिया को 45-24 से हराकर क्‍वार्टर फाइनल में स्‍थान बना लिया है।


भारतीय तैराक संदीप सेजवाल ने छठे दिन तैराकी में पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। संदीप ने फाइनल में छठा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा के हीट-1 में संदीप ने 27.95 सेकेंड का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया और फाइनल स्पर्धा में क्वालीफाई किया।

अब विज्ञापनों में पीएम मोदी की तस्वीरऔर नाम का किया इस्तेमाल तो होगी सजा

पीएम मोदी के नाम पर विज्ञापन करना अब आपको महंगा पड सकता है. उनकी तस्वीर का हर जगह इस्तेमाल करना और उनके नाम को किसी भी विज्ञापन में शामिल करने से पहले पीएमओ से मंजूरी लेना आवश्यक हो गया है. यदि ऐसा नहीं होता है तो आपको जेल तक हो सकती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर निजी कंपनियों के विज्ञापन में इस्तेमाल किए जाने पर सचेत हुई केंद्र सरकार प्रतीक व नाम (अनुचित प्रयोग रोकथाम) कानून, 1950 में सजा का प्रावधान लाने जा रही है. इसके मामूली जुर्माने को 400 गुना बढ़ाकर दो लाख रुपये किया जाएगा. उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय सात दशक पुराने कानून में संशोधन का मसौदा तैयार कर चुका है.


हालांकि यह नियम अभी लागू नहीं हुआ है पर इस मसौदे पर सार्वजनिक राय लेने के साथ ही कानून मंत्रालय से विचार-विमर्श कर केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्दी यह कानून के रूप में सामने आ जाएगा. बताया जा रहा है कि पिछले साल नोटिस भेजने के बाद सरकार ने दोनों कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया गया था. इसके बाद कानून में बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही थी.

मां से मिलने बिना सुरक्षा के पहुंचे पीएम मोदी

मां की गोद उसकी संतान के लिए सबसे सुरक्षित जगह होती है. वहां आकर वह खुद को सबसे ज्यादा महफूज समझता है. यहां किसी का भय नहीं, क्योंकि मां का हाथ सिर पर है. यही सोचकर पीएम मोदी अपनी मां से मिलने पहुंचे. खास बात यह थी कि वे बिना किसी सुरक्षा गार्ड या प्रोटोकॉल के अपनी मां के घर गए थे.

बता दें कि नरेन्द्र मोदी कल 23 अगस्त को एक दिवसीय गुजरात दौरे पर थे. जहां उन्होंने 500 करोड रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इसके साथ ही उन्होंने फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी शिरकत की. गुजरात के मंत्री मं​डल से मुलाकात के बाद मोदी दिल्ली वापिस जाने वाले थे. पर इसके पहले उन्होंने अचानक ही अपने घर की ओर गाडी का रूख करवा लिया और सीधे अपनी मां के पास पहुंचे.


गांधी नगर में अपने छोटे भाई पंकज मोदी के घर रात करीब 3 बजकर 32 मिनट पर मोदी ने अपनी मां से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार वे यहां करी​ब 20 मिनिट रूके. बाहर निकलने के दौरान पीएम ने आस पड़ोस के बच्चों के साथ बातचीत भी की. वैसे पीएम मोदी इस तरह के अचानक वाले प्रोग्राम पहले भी बना चुके हैं. वे जब भी गुजरात आते हैं, उम्मीद रहती है कि अपनी मां से मिलने जरूर जाएंगे.

 केरल के राहत शिविर में सोने पहुंचे केंद्रीय मंत्री, लोगों ने ट्विटर पर उड़ाया मजाक

केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए राहत शिविरों में सोने की अपनी तस्वीरें साझा करना केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कनन्नथानम को उल्टा भारी पड़ गया है। हालांकि उन्होंने बाढ़ पीडितों के साथ एकता दिखाने के लिए एक रात राहत शिविर में गुजारने का फैसला किया था लेकिन ट्विटर यूजर्स इसका मजाक उड़ा रहे हैं।

केरल में बाढ़ की वजह से कई लोगों के घर तबाह हो गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए पूरे राज्य में करीब 1500 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। कनन्नथानम ने एक राहत शिवर का दौरा किया और वहां कुछ देर नींद भी ली। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने राहत शिवर में सोते हुए अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की।
इस पर लोग उनका मजाक उड़ाने लगे। कई लोगों ने उनसे सवाल किया कि जब वह सो रहे थे तो फिर फोटो किसने क्लिक की? कुछ लोगों ने केंद्रीय मंत्री को सोशल मीडिया से तस्वीरे हटाने की भी सलाह दे डाली।

छात्राओं ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजीं 20 हजार राखियां उपहार में मांगा- अलग बुंदेलखंड राज्य

रक्षाबंधन करीब है. देशभर में भाई—बहन एक दूसरे को तोहफे देने के बारे में विचार कर रहे हैं. इस बीच कुछ बहनों ने अपने पंसदीता भाई पीएम मोदी से अपील की है कि इस बार राखी पर उन्हें एक अलग राज्य देकर तोहफा भेंट करें. इन बहनों ने मोदी के लिए करीब 20 हजार राखियां जमा करके भेजी हैं.

बता दें कि लंबे समय से बुंदेलखंड राज्य की मांग की जा रही है. अब महोबा में रहने वाली कुछ महिलाओं और बच्चियों ने अपनी तरफ से पहल करते हुए पीएम मोदी के लिए 20 हजार राखियां जमा करके भेजी हैं. वे राखी के दिन बदले में तोहफे में उनसे अलग बुंदेलखंड राज्य चाहती हैं.


अब देखना दिलचस्प होगा कि राखी के बदले मोदी अपनी बहनों की मांग का कितना मान रखते हैं.

जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही बेटी की पीएम मोदी से गुहार, सर- दरिंदों को फांसी दो

दावा किया जा रहा है कि देश में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. हिंसा करने वाले, दुराचारी अब पुलिस की पहुंच से दूर नहीं हैं. उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी कि बाकी लोगों को सबक मिले पर यह दावे कितने सही हैं यह देश के विभिन्न राज्यों का क्राइम रिकॉर्ड बता रहा है. तमाम सुरक्षा के बाद भी देश में बेटियों के हालातों में खास फर्क नहीं आया है.

ऐसी ही दरिंदगी का शिकार एक बेटी ने पीएम मोदी को खत लिखकर अपील की है कि उसकी मदद की जाए. बता दें कि सरधना में विगत 17 अगस्त को छेड़छाड़ के विरोध में जलाई गई छात्रा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कई रैलियों और आंदोलन के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की पर जब से पीएम मोदी के पास पीडिता की गुहार पहुंची है तब से मामले की जांच में तेजी आ गई है.


बता दें कि पुलिस ने देर रात मुख्य आरोपी और उसके पिता को भी गिरफ्तार कर लिया है. इन लोगों पर आरोप है कि उन्होने छेड़छाड़ के विरोध में छात्रा को जिंदा जलाकर हत्या करने का प्रयास किया था. हालांकि छात्रा फिलहाल सुरक्षित है और दिल्ली के सफरगंज अस्पताल में भर्ती है. उसने यहीं से पीएम मोदी तक अपनी बात पहुंचाई थी.

रक्षाबंधन के पहले🗝पीएम मोदी ने बहनों को दिया तोहफा, मिला अपने नाम का अपना घर

रक्षाबंधन पर देश की बहनों के सपनों को साकार करते हुए पीएम मोदी ने आज गुजरात के बाडनगर में आवास योजना के लाभार्थियों से मुलाकात की. उन्होंने लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी. खास बात यह है कि सभी आवास परिवार की महिलाओं और बहनों के नाम पर हैं. यानि यह मोदी की ओर से बहनों के लिए तोहफा था.

अपने संबोधन में भी उन्होंने कहा कि एक बहन के लिए भाई की तरफ से इससे अच्छा उपहार नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि पहले भी सरकारें रहीं, आदिवासी मुख्यमंत्री भी रहे. जब मैं नया-नया मुख्यमंत्री बना और आदिवासी गांवों में गया तो देखा कि पानी की टंकी है, लेकिन पानी नहीं था. इन गांवों को पानी देने का सौभाग्य भी मुझे मिला.


पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार 'हर घर जल' का जो अभियान चला रही है, मुझे उसपर गर्व है. दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो गरीब के घर में 100 पैसे पहुंच जाते हैं. इस सरकार में हिम्मत है और मैं पूरे विश्वास से किसी से भी पूछ सकता हूं कि आपको किसी को रिश्वत तो नहीं देनी पड़ी.

देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए पुरुषों को नजरिया बदलने की जरूरत-राहुल

भारत में बहुत बड़े पैमाने पर महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बदलाव की जरूरत बताई है। इसके लिए पुरूषों को जरूरत है कि महिलाओं को समान और सम्मान के रूप में देखना चाहिए। यह बात चार दिनों की ब्रिटेन-जर्मनी की यात्रा पर गए कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने जर्मनी के हैम्बर्ग में एक संवाद कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान कही।

राहुल गांधी ने राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मैं संसद और राजनीतिक दलों को देखता हूं तो वहां महिला प्रतिनिधि काफी कम दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि हम महिला आरक्षण के लिए विधेयक लेकर आए हैं लेकिन ये राजनीतिक नहीं बल्कि पूरी तरह सामाजिक मुद्दा है।


उऩ्होंने देश में रोजगार की समस्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार निशाना साधते हुए कहा कि देश में रोजगार एक बड़ी समस्या है लेकिन पीएम मोदी इस समस्या को देखना नहीं चाहते। लेकिन किसी भी समस्या को दूर करने के लिए उसे स्वीकार करना बहुत जरूरी होता है।

केरल बाढ़ः रिलायंस फाउंडेशन देगा 21 करोड़, 50 करोड़ की पहुंचाएगा राहत सामग्री

केरल बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए रिलायंस फाउंडेशन आगे आया है। फाउंडेशन की तरफ से मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 करोड़ रुपये दान किए जाएंगे। इसके साथ ही करीब 50 करो़ड़ की राहत सामग्री प्रदेश में भेजी जाएगी।

रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि केरल के हमारे भाई-बहन एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट फाउंडेशन और भारतीय होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम बचाव, राहत और पुनर्वास के लिए प्रदेश की सहायता करें। रिलायंस फाउंडेशन अपनी तरफ से केरल मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 करोड़ रुपये दे रहा है।


उन्होंने कहा कि 2013 में जब भूकंप और बाढ़ की वजह से उत्तराखंड में तबाही मची थी तब रिलायंस फाउंडेशन ने बेहद कम समय में अपने कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं को वहां बचाव और राहत कार्य के लिए तैयार कर लिया था। हमारी टीम ने 2014 में जम्मू कश्मीर बाढ़, 2015 में नेपाल बाढ़, 2015 में तमिलनाडु बाढ़, 2015 में मुंबई बाढ़ और 2016 में मराठवाड़ में आए अकाल में तत्परता से काम किया है।

पीएम मोदी के लाहौर जाने से सिद्धू ने की अपनी तुलना

इमरान ख़ान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पर घिरे नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई दी है. पर उन्होंने खुद को बचाने के लिए पीएम मोदी के लाहौर जाने की घटना को भी घेरे में लिया है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी शांति की कोशिशें हो चुकी हैं. दिवंगत वाजपेयी जी भी 'दोस्ती बस' लेकर लाहौर गए थे और मुशर्रफ को बुलाया था.

इसके बाद पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने शपथ समारोह में नवाज शरीफ को बुलाया था और अचानक लाहौर गए थे. सिद्धू ने कहा कि यदि उन लोगों के जाने पर कोई बवाल नहीं मचा तो आज मेरे जाने पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं.

नवजोत ने कहा कि मुझे भारत सरकार ने पाकिस्तान जाने की अनुमति दी थी. पीएम जब लाहौर गए थे तो उन्होंने नवाज शरीफ को गले लगाया था, यदि मैंने वहां किसी कोई गले लगा लिया तो इसमें कोई हर्ज नहीं होना चाहिए. 

मंदसौर में मासूम से सामुहिक दुष्कर्म मामले के दोनों अभियुक्तों को फांसी की सजा 

मंदसौर में 26 जून को आठ साल की स्कूली छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को विशेष अदालत ने दोनों अभियुक्तों को मौत की सजा सुनाई । कोर्ट की न्यायाधीश निशा गुप्ता ने मामले में इरफान ऊर्फ भैयू (20) एवं आसिफ (24) को संबंधित धाराओं में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई ।

लोक अभियोजक बी एस ठाकुर ने बताया कि अदालत ने हाल ही में शुरू किए गए आईपीसी की धारा 376 डीबी के तहत दोनों आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस धारा के तहत 12 वर्ष से कम साल की बच्ची से सामूहिक बलात्कार करने पर मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है।


उन्होंने कहा कि मंदसौर में इस आठ वर्षीय बच्ची को 26 जून की शाम लड्डू खिलाने का लालच देकर उस वक्त अगवा किया गया था जब वह स्कूल की छुट्टी के बाद पैदल अपने घर जा रही थी। सामूहिक बलात्कार के बाद कक्षा तीन की इस छात्रा को जान से मारने की नीयत से उस पर चाकू से हमला भी किया गया था। वह 27 जून की सुबह शहर के बस स्टैंड के पास झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी। इस मामले में पुलिस ने इरफान एवं आसिफ को गिरफ्तार किया था।

गाजियाबाद में नाले की गैस से बन रही है चाय हिट हुआ पीएम मोदी का फॉर्मूला

पिछले दिनों जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शख़्स का ज़िक्र किया जो नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनाता था तो सोशल मीडिया पर इसको लेकर खूब चुटकुले चल पड़े, लेकिन क्या सच मे ऐसा संभव है कि नाले से कोई गैस निकले, जिससे चाय बनाई जा सके या खाना पकाया जा सके? गाज़ियाबाद में ऐसी ही एक कोशिश हो रही है. दिल्ली से सटे ग़ाज़ियाबाद के साहिबाबाद में नाले किनारे चाय बना कर गुज़ारा करने वाले रामू इन दिनों एक अहम प्रयोग का हिस्सा हैं. वो नाले की गैस से चाय बनाने में जुटे हैं. ये गैस उन्हें पीछे बह रहे नाले से मिल रही है. उन्हें उम्मीद है कि अगर ये तरीका कारगर रहा तो हर महीने अच्छी ख़ासी बचत हो जाएगी.

दरअसल साहिबाबाद के इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के एक छात्र ने नाले से गैस निकालने की तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है. इस तकनीक में 200 लीटर के उल्टे ड्रम नाले में डाले गए हैं, जो नाले में बह रही मीथेन गैस को पकड़ते हैं. ड्रम में भरी गैस को पाइप के सहारे निकालकर ज़रूरत की जगह ले जाया जाता है. ड्रम कहीं इधर उधर ना हो इसके लिए लोहे का पिंजड़ा ड्रम के इर्द गिर्द लगाया जाता है. कॉलेज का दावा है कि पीएम मोदी ने हाल में उन्हीं का ज़िक्र किया था क्योंकि 2014 में उन्होंने इस तकनीक के सहारे एक चायवाले को गैस की सप्लाई दी थी.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी

कांग्रेस की ओर से लोकपाल चयन समिति की बैठक का क्रम बदस्तूर जारी है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने चौथी बार पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर बैठक में शामिल होने से इंकार कर दिया. बता दें कि यह बैठक आज यानि 21 अगस्त को दिल्ली में हो रही है.

मल्लिकार्जुन का कहना है कि वह तब तक मीटिंग में हिस्सा नहीं ले सकेंगे जब तक कि उन्हें सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का नेता होने के नाते पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा नहीं दिया जाता. वह इससे पहले भी तीन मौकों पर इसी वजह से बैठक का बहिष्कार कर चुके हैं.


खड़गे ने पीएम मोदी को अपना पहला खत 28 फरवरी को लिखा था, इसके बाद 10 अप्रैल और 18 जुलाई को भी इसी मांग के तहत पत्र लिखे गए. उन्होंने पीएम से कहा है कि वह ब्रीफ के पॉइंट नंबर आठ का भी जिक्र करना चाहते हैं जिसमें लिखा है कि मौजूदा चयन समिति में चार सदस्य हैं- प्रधानमंत्री, लोकसभा स्पीकर, भारत के मुख्य न्यायाधीश और प्रमुख न्यायवादी होने के नाते मुकुल रोहतगी. इससे भी यह स्पष्ट होता है कि समिति में लोकपाल एक्ट के तहत किसी विशेष आमंत्रित सदस्य का प्रावधान नहीं है.

ललिताम्बिका के हाथों में  'गगनयान' मिशन की कमान

भारत के रॉकेट मिशन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वाली वैज्ञानिक वीआर ललिथाम्बिका को भारत के 'गगनयान' अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से घोषणा की है कि 2022 तक भारत का कोई बेटा या बेटी तिरंगा लेकर अंतरिक्ष में जाएगा। इस अभियान में 10,000 करोड़ रुपए की लागत आने की बात कही जा रही है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन के सिवान ने इस अभियान की जिम्मेदारी लॉन्च वेहिकल टेक्नॉलजी में एस्ट्रोनॉटिकल सोशायटी एक्सीलेंस अवॉर्ड जीत चुकीं ललिताम्बिका को सौंपी है। ललिताम्बिका ऑटोपायलट रॉकेट्स के निर्माण पर काम कर चुकी हैं। वह जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल (वीएसएल-एमके-3) सहित रॉकेट्स के डिजायन की समीक्षा करने वाली टीम की अगुवाई करेंगी।


यह रॉकेट ही भारत के मानवयुक्त मिशन को अंतरिक्ष में ले जाएगा। ललिताम्बिका इसके पहले तिरूवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में बतौर उप निदेशक के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं जबकि के सिवान वीएसएससी के निदेशक रह चुके हैं।

भारत का दावा- झूठ बोल रहे हैं कुरैशी पीएम मोदी ने नहीं दिए कश्मीर मसले पर बातचीत के संकेत

जब भारत पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो अंग्रेजों ने एक जख्म दोनों देशों के लोगों के दिलों में छोड दिया. फिर कश्मीर का मसला इस जख्म पर जब-तब नमक छिडकने का काम करता रहा. आज ही इस जख्म से रह-रहकर खून रिस रहा है, जिससे कभी भारत की धरती लाल हो रही है तो कभी पाकिस्तान की.

दोनों देशों के बीच कुछ भी ठीक न होने का कारण है कश्मीर का मसला. कश्मीरा हमारा है या उनका यह विवाद एक बार फिर सिर उठा रहा है. इस विवाद की आग में एक बार फिर घी डाला गया है. हर बार की तरह इस बार भी यह काम पाकिस्तान ने किया है.

पाकिस्तान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दावा किया है कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान के नए पीएम इमरान खान को शुभकामनाएं संदेश भेजा है और उसके साथ ही कहा कि वे कश्मीर के मसले पर चर्चा करने के लिए तैयार है. कुरैशी ने एक प्रेस वार्ता में कहा है कि भारत और पाकिस्‍तान, दोनों ही देश परमाणु संपन्‍न हैं. मैं पीएम मोदी से कहना चा‍हूंगा कि दोनों ही देश हम साये हैं. हम रूठ कर एकदूसरे से मुंह नहीं फेर सकते. भारत और पाकिस्‍तान की समस्‍याएं एक जैसी हैं.


हालांकि कुरैशी के इस दावे पर भारत सरकार ने आपत्ती ली है. सरकार और आईबी ने स्पष्ट कर दिया है कि पीएम मोदी ने इमरान खान को केवल शुभकामनाएं देने के लिए पत्र लिखा है जिसमें कश्मीर या सीमा विवाद का कोई मसला नहीं है. कुरैशी के इस झूठे बयान के बाद भारत में तो उनकी आलोचना हो रही है साथ ही विदेशी मीडिया में भी खूब किरकिरी हुई है.

6 माह में हुआ कुछ ऐसा कि कम हो गई पीएम मोदी की लोकप्रियता

पीएम मोदी 2014 से अब तक देशवासियों की पसंदिता नेताओं की सूची में सबसे आगे थे. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई उनका मुरीद हुआ जा रहा था. पर अब लगता है कि लोक​प्रियता का यह ग्राफ नीचे आ रहा है. मीडिया संस्थान इंडिया टुडे द्वारा हाल ही में कराए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि अब बीते 6 माह में पीएम मोदी की लोकप्रियता कम हुई है. जबकि राहुल गांधी को पसंद करने वाले धीरे—धीरे बढ रहे हैं.

पीएम के पद के लिए राहुल गांधी की लोकप्रियता की बात करें तो सर्वे के मुताबिक, इसी 6 महीने में ये 22 फीसदी से बढ़कर 27 फीसदी हो गई है. रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में आए सर्वे में जहां एनडीए को 309 सीटें मिलता दिखाया गया था. अब अगस्त में आए सर्वे में ये आंकड़ा घटकर 281 पहुंच गया है. वहीं कांग्रेस को जनवरी के सर्वे में 102 सीट मिलता दिखाया गया था, अब हालिया सर्वे में ये आंकड़ा 122 सीटों का है.
सर्वे में 53 फीसदी लोगों ने मोदी को इस पद के लिए पहली पसंद बताया था. दोनों सर्वे की तुलना से ये दिखता है कि बीते करीब 6 महीने में प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में कमी आई है, ये कमी 4 पर्सेंट प्वाइंटर यानी तकरीबन 7.5 फीसदी की है. 

ब्रिटेन में छुपा है भगोड़ा नीरव मोदी, सीबीआई ने दी प्रत्यर्पण की अर्जी

पीएनबी घोटाले के आरोपी और भगोड़े नीरव मोदी के युनाइट किगडम में होने की खबर मिली है। ये जानकारी जांच एजेंसियों ने भी पुख्ता की है। सीबीआई ने उसके प्रत्यर्पण की अर्जी दी है। जांच एजेंसियों को अभी तक उसके बारे में पुख्ता सुराग नहीं मिल पा रहा था। इससेे पहले उसके अमरिका में होने की खबरें मिल रही थीं। 

सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, नीरव मोदी को पंजाब नेशनल बैंक के एलओयू के जरिए जो पैसा मिल रहा था वह यूएई की कंपनी में जा रहा था। यूएई की जो कंपनी थी वो फर्जी कंपनियां थीं। उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि वह कंपनी क्‍या करती हैं और उनके पास पैसा कैसे गया।

सीबीआई की एफआईआर में इन दोनों सप्‍लायर्स के नाम है जिनकों बैंक घोटाले की रकम दी गई। इसमें एक कंपनी है ट्राईकल और दूसरी कंपनी है पैसेफिक डायमंडस। ये दोनों कंपनी यूएई की है। इस मामले में जब एनडीटीवी ने जांच की तो पाया कि एक कंपनी शारजहां की थी ट्राईकलर और दूसरी कंपनी दुबई की थी जिसका नाम था पैसिफिक डायमंडस। इन दोनों कंपनियों का नाम नीरव मोदी की एक और कंपनी के कागजात में नाम सामने आया है।

हालांकि जब एनडीटीवी ने इन दोनों कंपनियों से संपर्क करने की कोशिश की तो कुछ पता नहीं चला। ना तो इन दोनों कंपनियों की कोई वेबसाइट है और ना ही फोन के जरिए कोई संपर्क हो सका। ​

बंगालः स्कूली किताब में मिल्खा सिंह के चैप्टर में छापी  फरहान अख्तर की फोटो!

पश्चिम बंगाल ने अपने स्कूली पाठ्यक्रम में मिल्खा सिंह पर एक चैप्टर शामिल किया है। लेकिन इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों से एक बड़ी गलती हो गई। उन्होंने मिल्खा सिंह की जगह अभिनेता फरहान अख्तर की फोटो किताब में छाप दी।

दरअसल, फरहान अख्तर ने राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' में मिल्खा सिंह की भूमिका निभाई थी। प्रकाशकों ने उसी किरदार की फोटो किताब में छाप दी है। इसके बाद फरहान अख्तर ने टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को टैग करते हुए इस चूक की तरफ उनका ध्यान आकर्षित किया।

यह गलती सबसे पहले लाइफ घोष नाम के एक शख्स ने पकड़ी। उन्होंने ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल की टेक्स्ट बुक में मिल्खा सिंह की जगह फरहान अख्तर की फोटो छपी है। मुझे इससे जरा भी शॉक नहीं लगा।

रिएक्ट करते हुए फरहान ने ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा मंत्री इस तरफ ध्यान दें। मिल्खा सिंह पर आधारित चैप्टर में तस्वीर के इस्तेमाल में बड़ी गलती हुई है। कृपया पब्लिशर से कहकर इन किताबों को वापस लें और तस्वीरों को बदल लें।

यूएई की कोशिश को पीएम मोदी ने सराहा

केरल के हालातों से पूरी दुनिया वाकिफ है. पूरा का पूरा राज्य बारिश की भेंट चढ गया है. यदि हमें फिर से केरल को पहले जैसे देखना है तो उसे नए सिरे से बसाना होगा. इसके लिए केन्द्र सरकार तो अपनी तरफ से प्रयास कर ही रही है, साथ ही कई राज्य सरकारों ने भी मदद की पेशकश की है.

वहीं मदद का एक हाथ यूएई ने भी बढाया है. उनकी इस कोशिश के लिए पीएम मोदी ने आभार व्यक्त किया है. बता दें कि यूएई में 20 लाख से भी अधिक भारतीय रहते हैं जिनमें से सबसे अधिक संख्या केरल के लोगों की है.

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'इस कठिन वक्त में केरल के लोगों के प्रति साथ जताने के लिए प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद का आभार. उनकी चिंता भारत और यूएई के लोगों और सरकारों के बीच विशेष संबंध को जाहिर करती है.' बात दें कि शेख मोहम्मद ने ट्वीट किया था, 'केरल के लोग हमेशा से यूएई में हमारी सफलता की कहानी का हिस्सा रहे हैं और आज भी हैं. हमारे ऊपर उनकी मदद करने की विशेष जिम्मेदारी है जो प्रभावित हैं, खासकर इन पावन दिनों में.'

इमरान के मंत्रीमंडल का ऐलान, कुरैशी को बनाया विदेश मंत्री 

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने मंत्रिमंडल का ऐलान कर दिया है। अपने 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल में इमरान ने शाह महमूद कुरैशी को विदेश मंत्री नियुक्त किया है। साल 2008 में मुंबई आतंकी हमले के दौरान भी कुरैशी विदेश मंत्री के पद पर थे।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने कहा कि घोषित किए गए 20 नामों में से 15 मंत्री होंगे, जबकि पांच अन्य प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में अपनी ड्यूटी निभाएंगे। उन्होंने बताया कि नए मंत्रिमंडल के सोमवार को राष्ट्रपति भवन में शपथ लेने की संभावना है।


चौधरी द्वारा ट्विटर पर साझा की गई सूची के अनुसार, कुरैशी को विदेश मंत्री, परवेज खट्टक को रक्षा मंत्री और असद उमेर को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया है। वहीं, रावलपिंडी के शेख राशिद को रेल मंत्री बनाया गया। इमरान के मंत्रिमंडल में तीन महिलाओं को भी शामिल किया गया है।

एशियन गेम्स: थम गया पहलवान सुशील कुमार का अभियान

दो बार के ओलिंपिक पदकधारी पहलवान सुशील कुमार का अभियान रविवार को यहां 18वें एशियाई खेलों में निराशाजनक तरीके से समाप्त हुआ, उन्हें पुरुषों के 74 किग्रा वर्ग में बहरीन के एडम बातिरोव के खिलाफ पहले क्वॉलिफिकेशन दौर की बाउट में उलटफेर का सामना करना पड़ा। पैंतीस साल के इस भारतीय पहलवान को क्वॉलिफिकेशन दौर में बातिरोव से 3-5 से हार मिली।

2008 और 2012 ओलिंपिक में कांस्य और रजत पदक जीतने वाले सुशील के पास रेपेचेज खेलने का मौका तब समाप्त हुआ जब बातिरोव क्वॉर्टरफाइनल की बाउट हार गए। अगर बातिरोव फाइनल में पहुंच जाते तो इस भारतीय को रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक मुकाबले का मौका मिलता।


पहले दौर में सुशील 2-1 से बढ़त बनाए थे, लेकिन बहरीन के पहलवान ने मजबूत वापसी करते हुए भारतीय प्रशंसकों को चुप कर दिया। लंदन ओलिंपिक के रजत पदकधारी सुशील ने दूसरे पीरियड में स्कोर करने के दो मौके बनाए, लेकिन वे इन्हें अंक में नहीं बदल सके।

कश्मीरियों की मांग धारा 35ए का संरक्षण करें मोदी

कश्मीर के व्यापारिक संगठनों ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीरियों को गले लगाने को लेकर दिए गए अपने बयान को लेकर ईमानदार हैं तो उन्हें धारा 35ए के संरक्षण की जिम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिए.

गौरतलब है कि अनुच्छेद 35-ए राज्य के स्थानीय नागरिकों को परिभाषित करने, उनके लिए विशेषाधिकार यकीनी बनाने व गैर रियासती लोगों के जम्मू कश्मीर में स्थायी तौर पर बसने, उनके द्वारा जम्मू कश्मीर में जमीन खरीदने व उसके मालिकाना हक हासिल करने पर रोक लगाता है. नई दिल्ली की एक संस्था ने इस अनुच्छेद को समाप्त करने के लिए सर्वाेच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रखी है, जिस पर इसी माह 27 अगस्त को सुनवाई होगी.

अनुच्छेद 35ए के संरक्षण में मुख्यधारा के राजनीतिक दलों से लेकर अलगाववादी खेमा और कश्मीर के सभी सामाजिक, मजहबी और व्यापारिक संगठन एक मंच पर खड़े हैं. अनुच्छेद 35 ए के संरक्षण पर कश्मीर के विभिन्न 27 व्यापारिक संगठनों और सिविल सोसाइटी ने भी एक साझा मंच तैयार कर रखा है.


अब्दुल मजीद जरगर ने कहा कि प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी को धारा 35ए के खिलाफ दायर याचिका को संबंधित याचिकाकर्ता पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अदालत से वापस लेना चाहिए या फिर उन्हें धारा 35ए के संरक्षण को यकीनी बनाते हुए अदालत में संबधित याचिका को खारिज कराना होगा.

केरल के बिगड़े हालातों में मदद के लिए बढ़ने लगे हाथ

केरल में 10 दिन से भारी बारिश और बाढ़ के चलते हालात बेहद बदतर हो गए हैं. लैंडस्लाइड और बाढ़ से अब तक 324 लोगों की जान जा चुकी है. करीब तीन लाख लोग बेघर बताए जा रहे हैं. सेना के साथ एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं. करीब 2 लाख 23 हजार लोगों को 1500 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. 

लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए अब पूरा देश केरल पीडि़तों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने लगा है। इसके तहत अलग-अलग राज्य सरकारों ने अपने-अपने स्तर पर राहत पैकेज देने की घोषणा शुरू कर दी है। सुबह पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी हवाई सर्वे कर क्षेत्र में बाढ़ से बिगड़े हालातों का जायजा लिया तथा 500 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की। इसके अलावा अन्य राज्य सरकारों ने भी राहत पैकेज की घोषणाएं की है।

इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से केरल के लिए 10 करोड़ रुपये की सहायती राशि देने का ऐलान किया. वहीं ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने पांच करोड़ रुपये की सहायता के अलावा बचाव अभियान के लिए 245 अग्निशमन कर्मियों को नौकाओं के साथ केरल भेजने की घोषणा की है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि आप के सभी विधायक, सांसद और मंत्री अपनी एक महीने की सैलरी केरल की मदद के लिए दान देंगे। इसी प्रकार गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने 10 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 20 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने तथा झारखंड के सीएम रघुवर दास ने 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। 

इधर, केरल में बढ़ती बाढ़ को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि केरल में करीब 2000-3000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया जाए।

इसी प्रकार कर्नाटक में भी भारी बारिश के बाद बिगड़े हालातों पर मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि बचाव अभियान में एनडीआरएफ, नौसेना, सेना, फायर बिग्रेड, होमगार्ड सहित 1000 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। वायु सेना भी फंसे लोगों को बाहर निकाल रही है और राहत सामग्री पहुंचा रही है. एनसीसी के 200 कैडेट भी काम कर रहे हैं। 


उन्होंने कहा कि करीब 11 घरों को नुकसान पहुंचा है. कोडगु में 6 लोगों की मौत हो चुकी है। बैकों के एटीएम में पैसे भरने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को डैमेज हो चुके सड़कों की सूची देने के लिए कहा गया है और वहां सड़कों की मरम्मत का काम शुरू करने को कहा गया है।

नहीं रहे नोबेल विजेता पूर्व संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान

पूर्व संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान का शनिवार को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अन्नान लगभग 10 साल तक संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद पर रहे थे। अन्नान जनवरी 1997 से दिसंबर 2006 तक संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद पर रहे थे। उन्हे साल 2001 में शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

अन्नान के ट्विटर अकाउंट से उनके परिजनों ने यह जानकारी दी है। ट्वीट में लिखा है, अन्नान परिवार और कोफी अन्नान फाउंडेशन बड़े दुख के साथ यह घोषणा कर रहा है कि संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव और शांति के नोबेल पुरस्कार विजेता कोफी अन्नान की शनिवार 18 अगस्त को बीमारी के बाद मृत्यु हो गई है।

केरल बाढ़: पीएम मोदी ने सीएम के साथ किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, 500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केरल बाढ़ पीडितों की मदद के लिए केन्द्र सरकार की ओर से 500 करोड़ रुपये की राहत राशि देने का ऐलान कर चुके हैं. उन्होंने कुछ देर पहले ही केरल के सीएम और मंत्री मंडल के साथ समीक्षा बैठक की है. जिसके बाद यह फैसला लिया गया है. इसके अलावा करीब 10 बजे बाद पीएम मोदी ने बारिश रुकने पर सीएम पिनराई विजयन के साथ बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वें भी किया। पीएम ने बाढ़ की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है।

पिछले 100 सालों की सबसे भयानक बाढ़ की चपेट में आए केरल में हालात का जायजा लेने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल पहुंचे थे लेकिन भारी बारिश के कारण उनका हवाई दौरा निरस्त हो गया. इसके बाद उन्होंने राज्य के मंत्रीमंडल की एक बैठक बुलाई, जिसमें राज्य के हालातों के बारे में चर्चा की गई. बाद में बारिश रुकने पर उन्होंने सीएम के साथ क्षेत्र का दौरा किया। बैठक के दौरान पीएम ने बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 2-2 लाख तथा गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की।

बता दें कि दक्षिण भारत का तटवर्ती राज्य केरल पिछले 100 सालों की सबसे भयंकर बाढ़ में डूबा हुआ है. अब तक इस विभीषिका में मरने वालों का आंकड़ा 324 हो चुका है. तबाही के चलते फसल और संपत्तियों समेत कुल 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. बारिश के हालात देखकर अनुमान है कि यह नुकसान और बढ सकता है.


वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर पीएम मोदी से केरल बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अपील की है. साथ ही केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है.

पाकिस्तान को है भारत से उम्मीद इमरान अगले माह कर सकते हैं पीएम मोदी से मुलाकात

पाकिस्तान में आज इमरान खान का शपथ ग्रहण समारोह चल रहा है. इमरान देश के प्रधानमंत्री बन रहे हैं. उनके पीएम मोदी के साथ जिस तरह के संबंध हैं उससे पाकिस्तान सरकार को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई शुरूआत मिलेगी.

खबर तो यहां तक आ रही है कि इमरान का पहला विदेशी दौरा तजाकिस्तान में हो सकता है. वे पीएम मोदी से मुलाकात करना चाहते हैं और यही वजह वाजिव जगह है जहां दोनों प्रधानमंत्री मिल सकते हैं.

पाकिस्तान की सूत्रों ने उम्मीद जताई है कि तजाकिस्तान की राजधानी दुशांबे में सितंबर माह के आखिर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन (SCO) में पीएम मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पहली मुलाकात होने की उम्मीद है. हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस मुलाकात की पुष्टि नहीं की है.


खबर तो यह आ रही है कि पीएम मोदी जून में चिंगदाओ में राष्ट्रप्रमुखों के एससीओ सम्मेलन में हिस्सा ले चुके हैं, इसलिए सितंबर में होने वाले कार्यक्रम में भारत की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हिस्सा ले सकते हैं.

इमरान ने ली 🇵🇰 पाकिस्तान के पीएम पद की  शपथ, भारत से सिद्धू पहुंचे

तमाम मुश्किलों से पार पाते हुए आखिर पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान ने शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली । इस दौरान भारत से पूर्व क्रिकेटर और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए ।

शपथ लेने के बाद इमरान देश के 22वें प्रधानमंत्री बन गए हैं । खान के शपथ ग्रहण के मौके पर उनकी पत्नी बुशेरा मनेका भी मौजूद थीं, वहीं पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा भी मौजूद थे।इमरान के शपथ ग्रण के दौरान कुछ ऐसे पल भी आए जब सभी की हंसी छूट गई । दरअसल इमरान कई बार शपथ पढ़ते पढ़ते अटक गए । इस दौरान इमरान भी हंसे और वहां मौजूद सभी लोगों की हंसी छूट गई ।


इस दौरान एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसने सभी को चौंका दिया है । वीडियो में नवजोत पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल बाजवा से गले मिलते दिख रहे हैं । इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है और कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है ।

जिस 'चायवाले' के इनोवेशन के मुरीद हुए थे मोदी, अब वो है डरा हुआ!

पीएम मोदी की एक नजर पड जाए, वे एक बार हाथ मिला लें, वे एक बार बात सुन ले... इसे इच्छा हर किसी के मन में होती है. केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेश दौरों के दौरान भी लोगों में पीएम मोदी से मिलने की लालसा साफ दिखाई देती है. पर जिस व्यक्ति ने पीएम मोदी को अपना मुरीद बनाया अब वह उनके नाम और अपने काम से भी कतराने लगा है.

हम बात कर रहे हैं उस चायवाले की जिसके नाम का जिक्र मोदी ने बायोफ्यूल डे पर किया था. चायवाले का नाम है श्यामराव. दरअसल उसने ऐसा यंत्र तैयार किया था, जिसमें नाली में बनने वाली मीथेन गैस का इस्तेमाल बायोफ्यूल के रूप में किया जाता था और इससे वे अपना चाय का व्यवसाय चलाते थे. श्याम साल 2016 में इसी यंत्र के जरिए अपना व्यवसाय कर रहे थे.

पर जब से मोदी ने उनके नाम के कसीदे पढें हैं श्याम राव राजनीति का शिकार हो गए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कर्नाटक में एक रैली के दौरान मोदी के किस्से पर तंज कसा था. इसके अलावा उन्हीं के शहर के कांग्रेस कार्यकर्ता अब श्याम का मजाक उडाने लगे हैं. आलम यह है कि श्याम से जब भी कोई उस उपकरण की बात करता है तो वे डर जाते हैं.


कई दिनों से तो श्याम काम पर भी नहीं गए हैं. वे कहती हैं कि मुझे डर है कि यह उपकरण मेरी जान को खतरे में ना डाल दे. पीएम मोदी द्वारा उनके आविष्कार की सराहना किए जाने के बाद स्थानीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने भी उनकी मदद की. उपकरण को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें 40 हजार रुपयों की आर्थिक सहायता भी दी गई. इसके बाद तो स्थितियां और खराब हो गईं हैं, नतीजतन श्याम राव का बनाया उपकरण धूल खा रहा है.

केरल बाढ़: मदद के लिए आगे आए राज्य सेना ने तेज किया बचाव कार्य

केरल को अब यूं ही नहीं बहने दिया जाएगा, और जाने अब नहीं जाएंगे. कोई भूख और बीमारी से नहीं मरेगा. यही सोच रखते हुए देशभर के राज्य मदद के लिए सामने आ रहे हैं. इस मुश्किल समय में सभी ने केरल की ओर मदद का हाथ बढाया है.

दिल्ली, पंजाब और पश्चिम बंगाल पहले ही 10—10 करोड रुपए के दान की घोषणा कर चुका है. अब हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 10 करोड रूपए के राहत पैकेज की घोषणा की है. एसबीआई भी अपने सभी 270,000 कर्मचारियों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. इसके साथ ही बैंक ने 2 करोड रूपए का दान कर दिया है.

राहुल गांधी ने मोदी से अपील की है कि केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए. वहीं थरूर ने सेना को जमीन और पानी पर उतारने की मांग की है. पीएम मोदी इस समय केरल राज्य का दौरा कर रहे हैं. वे जल्दी ही बाढ़ पी​िढ़तों से मिलेंगे.

बता दें कि केरल में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने पिछले 100 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. पिछले 15 दिनों से हो रही भारी बारिश ने राज्य में तबाही मचा रही है. तीनों सेना, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव व राहत कार्य में जुटी है. अधिकारियों ने बताया कि कोडगू जाने वाली सभी बड़ी सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और वहां व्यापक बचाव अभियान शुरू किया गया है. केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते लाखों लोग बेघर हो गए हैं.

राज्यों के अलावा यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) ने केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. यूएई सरकार ने लोगों की मदद करने के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया है. यूएई सरकार ने कहा कि हम मदद जरूर करेंगे, क्योंकि वहां के लोग हमारी कामयाबी का हिस्सा हैं. खबर है कि करीब 2.5 लाख लोग राहत शिविरों में रखा गया है.

8 जिलों में एनडीआरएफ की 58 टीमें भेज दी गई हैं. जिनकी मदद से अब तक 7000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. इस बीच, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने केंद्र सरकार द्वारा महज 500 करोड़ रुपये की सहायता राशि के दिए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि 500 करोड़ पर्याप्त नहीं हैं, केंद्र को कम से कम 1000 करोड़ रुपये की पहली किश्त देनी चाहिए.

वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए झुका ब्रिटेन का झंडा

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दिल्ली स्थित ब्रिटिश हाईकमीशन में ब्रिटेन का झंडा आधा झुका दिया गया है। वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए ब्रिटिश हाईकमीशन ने झंडा झुकाया है।

वहीं अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं।


गौरतलब है कि अंतिम संस्कार के लिए वाजपेयी की पार्थिव देह को स्मृति स्थल पर ले जाया जा रहा है। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़ शामिल है।

मेरे अटल जी! बस यही कह पा रहे हैं पीएम मोदी

अटल बिहारी वाजपेयी को खोने का दुख नरेन्द्र मोदी को अंदर ही अंदर खाली कर रहा है. उनके सारे शब्द अपने ब्लॉग के साथ खत्म हो गए. अब यदि कुछ रह गया है तो है— मेरे अटल जी! पीएम मोदी ने इन्ही तीन शब्दों के सहारे अपनी भावनाएं एक बार फिर सोशल मीडिया पर शेयर की हैं.

इन शब्दों को सहारा दे रही है उनकी एक तस्वीर, जिसमें वे कुर्सी पर बैठे अटल बिहारी वाजयपेयी जी से झुककर हाथ मिला रहे हैं. अटल जी की बराबरी से लालकृष्ण आडवाणी भी बैठे हैं, जो दोनों को देखकर मुस्कुरा रहे हैं. एक अन्य फोटो में अटल जी नरेन्द्र मोदी की बनाई एक रिपोर्ट का मूल्यांकन करते दिखाई दे रहे हैं.

कल से लेकर अब तक पीएम मोदी कई बार अटल जी के नाम से पोस्ट शेयर कर चुके हैं. उनके कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर आ गए हैं, जिसमें दिख रहा है कि अटल बिहारी नरेन्द्र मोदी को कितना पसंद करते थे.


अटल की अंतिम यात्रा में आंखों में आंसू  लिए पैदल चल रहे पीएम मोदी

अटलजी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है। खुद पीएम नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह वाजपेयी की अंतिम यात्रा में पैदल चल रहे हैं। अंतिम यात्रा पर अटलजी की देह को ले जाते हुए पीएम मोदी की आंखें नम हैं। वहीं मार्ग में जो भी अटलजी की देह के अंतिम दर्शन कर रहा है उसकी भी आंखें आंसूअों से भीगी नजर आ रही है।


बीजेपी मुख्यालय से स्मृति स्थल की दूरी तकरीबन 4 किलोमीटर है। इस दौरान उनका पार्थिव शरीर दीनदयाल मार्ग से होते हुए आईटीओ, दिल्ली गेट, शांति वन चौक होते हुए स्मृति स्थल लाया जा रहा है। पाथिव शरीर के वाहन के पीछे-पीछे पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चल रहे हैं। पूरे राजकीय सम्मान के साथ वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पंचतत्व में विलीन होने 'अंतिम सफर' पर निकले वाजपेयी

अंतिम सफर' पर निकलने के लिए अटल बिहार वाजपेयी की पार्थिव देह की बीजेपी मुख्यालय से अंतिम यात्रा शुरू हो चुकी है। अंतिम यात्रा के साथ समर्थकों की भीड़ चल रही है। इस दौरान हर तरफ अटल बिहारी अमर रहे के गगनभेदी नारे सुनाई दे रहे हैं। जिस मार्ग से होकर उनका अंतिम काफिला गुजर रहा है वहां लोग उनके अंतिम दर्शनों को उमड़ रहे हैं।

वाजपेयी की अंतिम यात्रा में पीएम मोदी भी साथ-साथ चल रहे हैं। अटलजी के इस अंतिम सफर में उनके साथ देश ही नहीं बल्कि विदेशी राजनेता और उनके चाहने वालों की हजारों की भीड़ चल रही है। पार्थिव देह को बीजेपी मुख्यालय से स्मृति स्थल लिए ले जाया जा रहा है।


जिस मार्ग से होकर उनकी यात्रा निकलेगी वहां दिल्ली पुलिस ने पहले से ही यातायात को बंद किया हुआ है। वहीं सेना के जवान भी पूरी व्यवस्था संभाले हुए हैं। यात्रा के स्मृति स्थल पर पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

 पाकिस्तानी मीडिया में छाया प्रधानमंत्री मोदी का भाषण

लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने जो कहा है उसे भारत समेत पूरी ​दुनिया ने सुना है. वैसे कान तो पाकिस्तान के भी यहीं लगे हुए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की चर्चा पड़ोसी देश पाकिस्तान की मीडिया में भी खूब हो रही है. खबर तो यहां तक है कि उन्होंने अपने स्वतंत्रता दिवस को इतनी तवज्जो नहीं दी जितनी मोदी के भाषण को मिली है.

डॉन, जियो टीवी, बिजनेस रिकॉर्डर आदि के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी के भाषण को प्रमुखता से जगह दी है. इस बात को प्रमुखता से छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत 2022 तक अंतरिक्ष में मानव को भेजेगा. कई अखबारों के संपादकीय में कहा गया है कि चीन के साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता को बढाते हुए, भारत ने पिछले दशक में अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारी निवेश किया है.

पाकिस्तान इस बात से परेशान है कि अगर यह मिशन कामयाब हुआ तो भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश हो जाएगा. हालांकि कुछ अखबारों ने अब भी मोदी को रुढ़िवादी करार दिया है. दलितों और गरीबों के लिए लागू की गई योजनाओं के संदर्भ में कहा है कि भारत पहले स्वच्छता अभियान के नाम पर काफी पैसा बहा चुका है, जब उसका कोई नतीजा नहीं मिला तो अब स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर पैसा बर्बाद कर रहा है.

अटल जी की वो छोटी से तमन्ना जो नहीं हो सकी पूरी 

हमारे बीच नहीं रहे पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के विकास के लिए कई कीर्तिमान स्थापित किए। इन सब के बावजूद अपनी पसंदीदा जगह पर आशियाना बनाने का उनका एक छोटा सा सपना पूरा नहीं हो सका।

वाजपेयी को लखनऊ के जर्रे-जर्रे से लगाव था। लखनऊ में उन्हें राज्य संपत्ति विभाग की तरफ से ला प्लास कॉलोनी में 302 नंबर फ्लैट दिया गया था। लेकिन वह कहीं और चाहते थे। उनकी एक दिली इच्छा थी कि लखनऊ के बख्शी का तालाब में खुद का आशियाना हो। क्योंकि वहां पर चारों तरफ हरियाली होने के कारण यह जगह उन्हें बहुत पसंद थी।


एक बार उन्होंने इसका जिक्र एक जनसभा में भी किया था कि वो बख्शी का तालाब में अपना आशियाना बनाएंगे। लेकिन वह घर कभी बन नहीं पाया। वाजपेयी जितने दिन लखनऊ में रहे उस दौरान चौक जाना नहीं भूलते थे। क्योंकि चौक में राजा ठंडई की दुकान पर अक्सर ठंडई पीने का मजा लिया करते थे।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का निधन 93 साल की उम्र में हुआ निधन BJP में फैली शोक की लहर

छोड़ गए अटल
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने त्यागा शरीर
लंबी बीमारी के बाद आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में अटल बिहारी वाजपेयी ने ली अंतिम सांस ।
प्रधान मंत्री मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा देश और राजनीति के इतिहास के युग अंत हो गया । 
अटल जी के पार्टी और देश के प्रति त्याग और भावना को हमेशा याद किया जायेगा ।

अटल जी का जाना देश के लिए भारी क्षति है ।

आखिर हार गए जिंदगी की जंग वाजपेयी 

भारतीय राजनीति में अजातशत्रु, भीष्म पितामह, शिखर पुरुष जैसे शब्दों से पुकारे जाने वाले देश के 10 वें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आखिरकार आज मौत से हार गए। लम्बे समय से मौत के सामने 'अटल' खड़े रहे वाजपेयी अपने चहेतों को शोक संतप्त छोड़ गए। भारत ही नहीं बल्कि पड़ौसी मुल्क से भी वाजपेयी के निधन पर कई नेताओं ने शोक जताया है।


राजनीतिक क्षेत्र में अटल बिहारी वाजपेयी की छवि उन्हें सभी राजनेताओं से अलग करती है। इस कारण पक्ष ही नहीं विपक्ष में उनका मुरीद बन जाता था। उन्हें हर कोई सम्मान देता था। जनसंघ की स्थापना से लेकर प्रधानमंत्री बनने के सफर में वाजपेयी ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हर कठिनाई का 'अटल' इरादों के साथ पार किया।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की अगुवाई में अटल बिहारी वाजपेयी भी जनसंघ की स्थापना के समय सन 1951 में जनसंघ के शुरुआती संस्थापक रहे। अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के टिकट पर सन 1957 के चुनावों में तीन-तीन सीटों लखनऊ, मथुरा और बलरामपुर से एक साथ चुनाव लड़े। और बलरामपुर से संसद पहुंचे।

वाजपेयी पहले गैर-कांग्रेसी पीएम रहे, जिनकी सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया। इससे पहले भी वो दो बार पीएम बनें थे, लेकिन कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे। वाजपेयी की अगुवाई में ही 23 दलों से बनी एनडीए सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया।

वाजपेयी अन्य सभी दक्षिणपंथी नेताओं की तुलना में ज्यादा सेकुलर माने जाते रहे। उनकी प्रशंसा समूचा विपक्ष भी करता था। ये कारण था कि राजग ने 23 दलों के साथ सरकार बनाई और कार्यकाल भी पूरा किया। विदेश मंत्री के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी ने सन 1977 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण दिया। ये देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण था।


उन्होंने तमाम अंतरराष्ट्रीय दबावों को दरकिनार कर साल 1998 में पोखरन में परमाणु धमाका कर भारतीय इतिहास को सबसे गौरवपूर्ण क्षण दिया। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी का पाकिस्तान के सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ से हाथ मिलाना भारत-पाक संबंध को पुनर्जीवित किया।


अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े 10 प्रमुख तथ्य- हरदिल अजीज राजनेता के रूप में रही छवि

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी खराब स्‍वास्‍थ्‍य के कारण दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं। देश उनकी सलामती की दुआएं कर रहा है। तीन बार प्रधानमंत्री रहे, हरदिल अजीज राजनेता अटल जी की एक लोकप्रिय राजनेता, ओजस्वी कवि, सम्मानित समाजसेवी और नरम हिंदूत्ववादी के रूप में कई छवियां रही हैं। आरएसएस में शामिल होने से पहले वह साम्यवाद से प्रभावित थे, पर बाद में बाबासाहेब आप्टे से प्रभावित होकर साल 1939 में आरएसएस से जुड़ गए। उनके स्‍वभाव और व्‍यक्तित्‍व का ऐसा जादू रहा है कि अपनी पार्टी के लोगों के साथ-साथ विपक्ष भी उनकी बहुत प्रशंसा और सम्‍मान करता है। उन्‍हें भारत सरकार की ओर से पद्म विभुषण और भारत रत्‍न का सम्‍मान मिल चुका है। 
आज हम लाए हैं अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी 10 प्रमुख खास बातें-

🔶 अटल जी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। उनके पिता पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी कवि और अध्यापक थे और मां कृष्णा देवी घरेलू महिला थीं। अटल जी अपने माता-पिता की सातवीं संतान हैं।

🔶 उनकी प्रारंभिक शिक्षा बड़नगर, गोरखी के सरस्‍वती शिशु मंदिर से हुई। उन्‍होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेजियट स्कूल से इंटरमीडिएट तक और विक्टोरिया कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली। उन्‍होंने एमए डीएवी कॉलेज, कानपुर से किया।

🔶 वो बचपन से ही प्रतिभा संपन्न थे और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे व कविताएं भी लिखते थे। उन्होंने कॉलेज जीवन से ही राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया था। पहले वह छात्र संगठन से जुड़े फिर आरएसएस के शाखा प्रभारी के रूप में कार्य किया।

🔶 अटल जी ने राष्ट्रधर्म नामक अखबार में बतौर सह सम्पादक और पांचजन्‍य, वीर अर्जुन व स्‍वेदश जैसे अखबारों में भी संपादन का काम किया। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान साल 1942 में उन्‍हें उनके बड़े भाई के साथ गिरफ्तार किया गया था।

🔶 अटल जी और उनके पिता ने कानपुर के डीएवी कॉलेज से एक साथ कानून की पढ़ाई की थी। इतना ही नहीं दोनों ने एक ही क्लास में दाखिला लिया था। दोनों को हॉस्टल में भी एक ही कमरा दिया गया था पर राजनीति में आने के कारण वो लॉ की डिग्री ले नहीं पाए।

🔶 साल 1996 चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। सबसे बड़ी पार्टी के नेता के तौर पर अटल जी को सरकार बनाने का न्योता मिला। पहली बार प्रधानमंत्री बने अटलजी विश्वास प्रस्ताव रखने के लिए खड़े हुए और भूल गए कि वो खुद प्रधानमंत्री बन चुके हैं। जैसे ही उन्होंने लोकसभा में खड़े होकर कहा, ‘प्रधानमंत्री जी’, वैसे ही पूरा सदन हंसी से गूंज उठा।

🔶 अटल सबसे लम्बे समय तक सांसद रहे हैं और जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी के बाद सबसे लम्बे समय तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी। वह पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गठबन्धन सरकार को न केवल स्थायित्व दिया बल्कि सफलता पूर्वक संचालित भी किया।

🔶 साल 2001 में जब अटल जी प्रधानमंत्री थे, तब उनके दाएं घुटने का ऑपरेशन हुआ था। वहीं, साल 2009 में अटल जी को आघात (स्ट्रोक) लगा था और इसके बाद उन्हें बोलने में समस्या होने लगी। बाद में वे डिमेंशिया से भी पीडि़त हो गए।

🔶 अटल ही पहले विदेश मंत्री थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में भाषण देकर देश को गौरवान्वित किया था। उन्‍हें भारतीय नृत्‍य और संगीत बेहद पसंद रहे हैं, उन्‍हें प्रकृति से भी बहुत प्‍यार है। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'मृत्यु या हत्या', अमर बलिदान, कैदी कविराय की कुण्डलियां, संसद में तीन दशक, मेरी इक्यावन कविताएं आती हैं।


🔶 ब्राह्मण परिवार में जन्मे और आजीवन अविवाहित रहे अटल जी को मांस-मछली खाने का बहुत शौक रहा। वह प्रॉन्स खाने के शौकीन रहे हैं। पुरानी दिल्ली का करीम होटल उनका पसंदीदा मांसाहारी होटल है।

पूर्व पीएम वाजपेयी की तबीयत जानने एम्स पहुंचने नेता और मंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। उनका हाल जानने के लिए आज उप राष्ट्रपति वेकैया नायडू और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एम्स पहुंचे। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी वाजपेयी की तबीयत के बारे में जानने के लिए एम्स जल्द पहुंच सकते हैं।


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्व पीएम वाजपेयी के स्वास्थ्य को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि अटल जी के स्वास्थ्य के बारे में जानकर दुख हुआ। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह जल्द ठीक हों।


इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार शाम वाजपेयी की तबीयत के बारे में जानकारी लेने के लिए एम्स गए थे। पीएम के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल और बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी भी वहां पहुंचे।


एम्स के चिकित्सकों के मुताबिक बीते 24 घंटे में उनकी हालत काफी बिगड़ चुकी है। वाजपेयी 11 जून को किडनी, नली में संक्रमण, सीने में जकड़न और पेशाब की नली में संक्रमण होने के चलते एम्स में भर्ती कराए गए थे।


दिल्ली-एनसीआर की कारों पर लगेंगे रंगीन स्टिकर 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में चार पहिया गाड़ियों पर कलर कोडेड स्टीकर लगाने की योजना को मंजूरी दे दी। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वाहनों पर होलोग्राम आधारित रंगीन स्टिकर लगाने के सुझाव पर वे सहमत हैं, जिससे पता चल सकेगा कि वाहनों में किस तरह के ईंधन का इस्तेमाल किया जा रहा है।


सड़क परिवहन मंत्रालय ने कोर्ट को बताया कि हल्के नीले रंग के होलोग्राम आधारित स्टिकर पेट्रोल एवं सीएनजी से चलने वाली कारों में लगाए जाएंगे। सड़क परिवहन मंत्रालय ने कोर्ट से कहा कि नारंगी रंग के होलोग्राम आधारित स्टिकर डीजल से चलने वाले वाहनों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।


सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों के लिए होलोग्राम आधारित स्टिकरों पर सड़क परिवहन मंत्रालय के सुझाव को स्वीकार कर मंत्रालय से कहा कि इसे दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर तक लागू करें। अदालत ने सड़क परिवहन मंत्रालय से यह भी कहा कि वह इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों के लिए हरे रंग की नंबर प्लेटों या हरे स्टिकरों पर विचार

नगर निगम के नोटिस के बाद पीएम मोदी के भाई ने खुद गिरवाया अपनी इमारत का अवैध हिस्सा


गुजरात के अहमदाबाद नगर निगम (AMC) द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रहलाद मोदी ने अपनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकान के पास बनाए गए एक अवैध निर्माण को खुद ही तोड़ दिया है. अहमदाबाद के रबरी कॉलोनी में अपनी दुकान के पास अवैध निर्माण कराने को लेकर पूर्व में अहमदाबाद नगर निगम ने प्रहलाद मोदी को तीन नोटिस जारी किए थे. प्रहलाद मोदी को अंतिम बार 17 जून को एक नोटिस जारी किया गया था.

जिस वक्त अहमदाबाद नगर निगम ने यह नोटिस जारी किया था, उस वक्त प्रहलाद मोदी छत्तीसगढ़ में थे और उन्होंने नोटिस पर अहमदाबाद नगर निगम से समय मांगते हुए कहा कि उन्होंने इसके खिलाफ अपील दायर की है. हालांकि प्रहलाद मोदी ने इस बार अपने फैसले में कहा, 'जब नगर निगम ने मुझे तीन नोटिस भेज दिए तो मैंने भी निगम द्वारा अवैध बताए गए ढांचे को खुद गिरवाने का फैसला कर लिया.'

उन्होंने कहा, 'प्रभाव शुल्क अदा करने के बाद अवैध निर्माण को नियमित कर दिया था. इसके बाद 2015 में मुझे महसूस हुआ कि कंट्रक्शन किसी भी समय ढह सकता है, इसलिए मैंने एएमसी को पत्र लिखकर उनके अधिकारियों से दौरा करने और निर्माण को देखने के लिए कहा था लेकिन एएमसी की तरफ से किसी ने इसकी जांच करने की कोशिश नहीं की और आखिरकार निर्माण ढह गया.'

उन्होंने आगे बताया, 'भाग्यवश निर्माण गिरने से किसी को चोट नहीं पहुंची. इसके बाद मैंने निर्माण शुरू करवाया क्योंकि यह एएमसी द्वारा नियमित किया जा चुका था. लेकिन अब निर्माण के दो वर्ष बाद एएमसी के अधिकारी इसे अवैध बता रहे थे, इसलिए कोर्ट में याचिका लंबित होने के बावजूद मैंने खुद इसे गिरवाने का फैसला कर लिया.'


9 से 31 अगस्त तक होगी ,साढ़े 4 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

प्रदेश के 9 शहरों में होगी रेलवे की भर्ती परीक्षाएं
अजमेर @ पत्रिका , रेलवे में सहायक लोको पायलट और तकनीशियन वर्ग की पारंभिक लिखित परीक्षाएं प्रदेश  के 9 शहरों में आयोजित की जाएगी।  रेलवे भर्ती बोर्ड़ अजमेर के क्षेत्राधिकारी के तहत हरियाणा के हिसार में भी परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। राजस्थान में अभ्यर्थियों की संख्या लगभग साढ़े चार लाख है। अजमेर रेलवे भर्ती बोर्ड के तहत अजमेर , जयपुर , जोधपुर , कोटा , उदयपुर , बीकानेर ,अलवर ,सीकर , आबूरोड और हिसार में परीक्षा केन्द्र बनाए गए है।
तीन परियों में परीक्षाएं
रेलवे की परीक्षाएं 9 अगस्त से 31 अगस्त के दौरान 9 ,10 ,13 14 17 ,20 ,21 , 29  ,30 ,31 अगस्त को रोजाना तीन परियों में होगी। पहली पारी सुबह 10 से 11 बजे, दूसरी पारी दोपहर 1 से 2 बजे तक और तीसरी पारी अपराह्न 4 से शाम 5 बजे तक होगी। 

परीक्षा प्रारंभ होने से पौने दो घंटे पूर्व परीक्षा केन्द्र खुल जाएगेऔर परीक्षा प्रारंभ होने से 45 मिनट पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। लिहाजा अभ्यर्थियों को परीक्षा समय से पौने घंटे पहले केन्द्र में प्रवेश करना जरूरी होगा।
नकल पर होगी पुलिस कार्यवाही
रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर के अध्यक्ष आलोक कुमार मिश्रा ने बताया किअभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अथवा अनुचित अनुसंधानों का प्रयोग नहीं करें। परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान तलाशी ली जाएगी। नियमों का अवमानना करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होगी एवं भविष्य में रेलवे कि सभी परीक्षाओंके लिए डिबर कर दिया जाएगा।


टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा से जुड़े 10 प्रमुख तथ्य


टेनिस में भारत का नाम दुनिया में रोशन करने वाली भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा डबल्स में पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रह चुकी हैं मार्च 2018 में उनकी रैंकिंग 24वीं थी।अब तक चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में खिताबी सफलता हासिल कर चुकी सानिया मिर्जा ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विंबलडन, यूएस ओपन, मिक्स्ड डबल्स का खिताब अपने नाम कर चुकी है।
 सानिया का जन्‍म 15 नवंबर 1986 को मुंबई में हुआ था। बाद में उनका परिवार हैदराबाद आ गया था। उन्हें टेनिस कोर्ट पर स्कर्ट पहनने तथा पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से निकाह को लेकर कई बार विरोध का भी सामना करना पड़ा है।

🔶 हैदराबाद में अपनी स्‍कूलिंग पूरी क‍रने के बाद उन्‍होंने सेंट मैरी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद चेन्‍न्‍ई की एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी से 'डॉक्‍टर ऑफ लेटर' की ऑनर्स डिग्री ली।

🔶 सानिया ने निजाम क्लब हैदराबाद में छ्ह साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया था। पेशेवर टेनिस की दुनिया में उन्होंने 2003 में कदम रखा था। जूनियर खिलाड़ी के तौर पर सानिया मिर्जा 10 सिंगल्स और 13 डबल खिताब जीत चुकी हैं। 

🔶 सानिया के पिता इमरान मिर्ज़ा एक खेल संवाददाता थे। उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह सानिया का प्रोफेशनल ट्रेनिंग करवा सकें। इसके लिए उन्होंने कुछ बड़े व्यापारिक समुदायों से स्पांसरशिप ली।

🔶 सानिया की बहन उनसे आठ साल छोटी हैं। उस वक्त एक पेरेंट सानिया के साथ खेल के लिए ट्रैवल करता था, तो दूसरा पेरेंट छोटी बेटी के साथ घर में रहता था। मिर्जा परिवार 20-30 घंटे की दूरी कार से ट्रैवल करता था क्योंकि पूरी फैमिली के लिए यह सस्ता पड़ता था।

🔶 सानिया मिर्जा अभी तक की भारत की सबसे ज्यादा रैंक पाने वाली महिला टेनिस खिलाड़ी हैं और भारत के सबसे ज्यादा मेहनताना पाने वाली महिला खिलाड़ी भी हैं।

🔶 2006 में सानिया मिर्जा पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी जिन्होंने ग्रैंड स्लेम में प्रवेश किया था। 2015 में सानिया मिर्जा और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने विम्बलडन ग्रैंड स्लेम डबल्स का खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने डबल्स में यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब भी जीता था। 

🔶 भारत सरकार सानिया मिर्जा को 2006 में पद्मश्री, 2016 में पद्मभूषण और 2015 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दे चुकी है। वहीं 2004 में इन्हे लॉन टेनिस में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था।

🔶 वर्ष 2007 में महिला सिंगल में उनकी रैंकिंग विश्व स्तर पर 27वें पायदान पर पहुंच गई थी। पर कलाई में चोट आ जाने की वजह से उन्हें सिंगल्स का सफर छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्‍होंने डबल्स पर अपना पूरा फोकस डाल दिया।

🔶 सानिया मिर्जा की जिंदगी पर जल्‍द ही एक फिल्म बनने जा रही है। संभव है कि इस बायोपिक फिल्म में वह खुद ही अपना रोल करें। पहले भी वो कई विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं।

🔶 2005 में टाइम पत्रिका ने सानिया को एशिया के 50 नायकों में नामित किया था। वर्तमान में, वे नवगठित भारतीय राज्य तेलंगाना की 'ब्रांड एंबेसडर' हैं। ब्रांड एम्बेसडर बनाए जाने पर तेलंगाना विधानसभा में भाजपा नेता के लक्ष्मण ने उन्हे 'पाकिस्तान की बहू' क़रार दिया था और उन्हें यह सम्मान दिए जाने पर सवाल उठाया था।


डीएमके चीफ करुणानिधि नहीं रहे, तमिलनाडु में शोक की लहर


डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि का मंगलवार की शाम चेन्नई के कावेरी हॉस्पिटल में देहांत हो गया. कई दिनों से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी. हॉस्पिटल के बुलेटिन ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की है. करुणानिधि की मौत की खबर सुनते हुए तमिलनाडु में शोक की लहर दौड़ गई है. शाम 6.10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. करुणानिधि के जाते ही तमिलनाडु की राजनीति के एक बड़े युग का अंत हो गया है. वह पिछले 11 दिनों ने कावेरी हॉस्पिटल में भर्ती थे.



अस्‍पताल ने बयान जारी कर कहा कि डॉक्‍टर्स और नर्सों ने उन्‍हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन करुणानिधि को बचाया नहीं जा सका. चेन्नई स्थित कावेरी हॉस्पिटल के बाहर उनके समर्थकों को जमावड़ा लगा हुआ है. लोगों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है.


समर्थकों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. हॉस्पिटल के अलावा करुणानिधि के घर के बाहर भी बड़ी तादाद में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. करुणानिधि तिमलनाडु के 5 बार मुख्यमंत्री रहे और वे 60 वर्षों तक लगातार विधायक रहे. उन्होंने भारतीय राजनीति का एक अजेय विधायक कहा जाता है.


इसके साथ ही तमिलनाडु में फिल्म एसोसिएशन ने अगले दो दिनों तक फिल्म नहीं दिखाने का फैसला किया है। चेन्नई समेत राज्य के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही पूरे राज्य में ओमिनी बस सेवा पर रोक लगा दी गई है।


जस्टिस इंदिरा बनर्जी, वीरेन सरन और केएम जोसेफ ने एससी जज के रूप में ली शपथ


जस्टिस इंदिरा बनर्जी, वीनीत सरन और केएम जोसेफ ने आज बतौर सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर शपथ ले ली है। इन तीनों लोगों के नाम को वरिष्ठता के क्रम में सरकार ने अपनी सहमति दी थी, जिसके बाद इन तीनों ने आज सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली है।


यह शपथ ग्रहण चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की कोर्ट रूम में हुआ। सबसे पहले जस्टिस बनर्जी, उसके बाद जस्टिस सरन और जस्टिस जोसेफ ने शपथ ली थी। यह शपथ ग्रहण समारोह पूरी तरह से बंद कोर्ट रूप में तमाम जजों, कानून अधिकारी और वकीलों की उपस्थिति में हुआ।


इन तीनों जजों की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की अधिकतम संख्या 31 हो सकती है। गौरतलब है कि जस्टिस बनर्जी इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट की जज थीं, जबकि जस्टिस सरन और जोसेफ ओडिशा और उत्तराखंड के चीफ जस्टिस थे।


पीएम मोदी अक्टूबर में रहेंगे उत्तराखंड दौरे पर करेंगे इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन


उत्तराखंड में अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे यह सम्मेलन देश व विदेश के निवेशकों को निवेश के लिए एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा सरकार का मानना है कि राज्य में निवेश होने से यहां के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगा


इन्वेस्टर समिट 2018 नाम से बनाया गया लोगो फूलों की घाटी से प्रेरित है इसमें उगते सूरज का चित्रण किया गया है, जो उत्तराखंड में नए अवसरों व औद्योगिक विकास को दर्शाता है सम्मेलन के लिए चिह्नित किए गए 12 क्षेत्रों को इसमें 12 फूलों की रंग-बिरंगी पत्तियों के रूप में दर्शाया गया है।

नरेंद्र मोदी 21 अगस्त को करेंगे भारतीय डाक के भुगतान बैंक की शुरुआत


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अगस्त को बहुप्रतीक्षित भारतीय डाक के भुगतान बैंक आईपीपीबी का शुभारंभ करेंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की प्रत्येक जिले में कम से कम एक शाखा होगी और यह ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा.


संचार मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने आईपीपीबी के उद्घाटन के लिए 21 अगस्त को समय दिया है. बैंक की दो शाखाएं पहले से परिचालन में हैं. शेष 648 शाखाएं देश के प्रत्येक जिले में शुरू की जाएंगी.’’


अधिकारी ने कहा कि आईपीपीबी 1.55 लाख डाकघर शाखाओं के जरिये ग्रामीण इलाकों के लोगों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएगा. अधिकारी ने कहा कि सरकार इस साल के अंत 1.55 लाख डाकघर शाखाओं को आईपीपीबी सेवाओं से जोड़ने का प्रयास कर रही है. इससे देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क अस्तित्व में आएगा जिसकी गांवों के स्तर तक मौजूदगी रहेगी


एससी-एसटी एक्ट के पुराने प्रावधान ही रहेंगे लागू, कैबिनेट ने दी मंजूरी: सूत्र

दलित अत्याचार रोकथाम कानून के मूल प्रावधानों को बहाल करने से जुड़े बिल को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति (उत्पीड़न निरोधक) कानून के पुराने प्रावधान लागू करने से जुड़े बिल को जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को अपने फैसले में अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न निरोधक कानून के तहत आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसे लेकर देश भर के तमाम दलित संगठनों और नेताओं में नाराज़गी थी और उन्होंने 9 अगस्त को इसके खिलाफ 'भारत बंद' का आह्वान किया था।
रामविलास पासवान सहित एनडीए सरकार के विभिन्न घटक दल के नेताओं ने भी इसे लेकर सरकार के रुख पर नाराज़गी जताई थी और कोई कदम न उठाए जाने पर 9 अगस्त के इस बंद में शामिल होने की चेतावनी दी थी। हालांकि उससे पहले ही कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दे दी और संसद से इसके पारित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वत: पलट जाएगा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट पर अपने 20 मार्च के फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि संसद भी बिना उचित प्रक्रिया के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं दे सकती। कोर्ट ने कहा कि उसने शिकायतों की पहले जांच का आदेश देकर निर्दोष लोगों के प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों की रक्षा की है। केंद्र ने फैसले का यह कहते हुए विरोध किया था कि अदालतें संसद द्वारा बनाए गए कानून के किसी प्रावधान को हटाने या बदलने का आदेश नहीं दे सकती है।


जसोदाबेन ने मोदी के लिए मांगा समर्थन कहा—एक बार फिर प्रधानमंत्री बनने का मौका दें


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन ने अपने सादगी के गुण से जनता को मुरीद बना दिया. मौका देखते ही उन्होंने जनता के सामने अपनी एक मांग रख दी. मंगलवार काे जसोदाबेन भवाली घोड़ाखाल मंदिर पहुंची. दोपहर 12 बजे जसोदाबेन भारी बारिश में घोड़ाखाल मंदिर पहुंची.


जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया. जसोदाबेन के साथ उनके भाई अशोक मोदी, भाभी यशोदा मोदी, भतीजी तृष्णा मोदी और अन्य लोग थे. सोमवार को सरोवर नगरी पहुंचीं जसोदा बेन ने हनुमानगढ़ी मंदिर, मां नैना देवी मंदिर, लीला साह आश्रम, शीतला माता मंदिर समेत तमाम मंदिरों में पूजा-अर्चना कर देश के लिए दुआएं मांगी. यहां भी लोग उनकी सादगी देख मुरीद हो गए.


इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कामकाज की तारीफ की. उन्होंने 2019 में भी मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए लोगों से समर्थन मांगा. कहा कि मोदी जी को पहले से अधिक सीटें मिलेंगी. वहीं लोग जसोदा बेन की सादगी के कायल हो गए. उनकी सादगी देख हर कोई उनकी प्रशंसा करते नजर आया



मोदी ने फोन पर 🇵🇰 इमरान को दी बधाई, कहा- उम्मीद है पाक में लोकतंत्र मजबूत होगा 


पाकिस्तान के होने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर आम चुनावों में जीत पर बधाई दी । मोदी ने कहा कि उम्मीद है आपके आने से पाकिस्तान में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी । मोदी ने इस दौरान इमरान को उनके उस बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भारत से बेहतर संबंध चाहते हैं।


पाकिस्तान में आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी पीटीआई को 116 सीटों पर जीत मिली है। इमरान खान ने इस चुनाव में पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था। इन सभी सीटों पर इमरान खान की जीत हुई। पाकिस्तानी कानून के मुताबिक इमरान खान को चार सीटों से इस्तीफा देना पड़ेगा, जिससे इनकी सीटों की संख्या घटकर 112 रह जाएगी।


बता दें इससे पहले पाकिस्‍तान चुनावों के नतीजों पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने उम्‍मीद जताई थी कि पड़ोसी देश की नई सरकार दक्षिण एशिया को आतंक और हिंसा मुक्‍त बनाने के लिए काम करेगी। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'हम आशा करते हैं कि नई पाकिस्तान सरकार आतंकवाद एवं हिंसा से मुक्त सुरक्षित और स्थिर दक्षिण एशिया के निर्माण के लिए रचनात्मक ढंग से काम करेगी।


असम में नागरिकता  के मुद्दे पर जांच पर ऐतराज क्यों।

हिन्दुस्तानियों ने तो बंगलादेशी शरणार्थियों के लिए डाक शुल्क तक दिया है।



बंगलादेश की सीमा से सटे असम राज्य में नागरिकता की जो सूची जारी की गई उस पर 30 जुलाई को संसद से लेकर पश्चिम बंगाल और असम में हंगामा हुआ। विपक्षी दलों के नेताओं का आरोप रहा कि मुस्लिम विरोधी नीति के चलते भाजपा ने 40 लाख मुसलमानों को नागरिकता से वंचित कर दिया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने तो जारी सूची को देश को तोड़ने वाला बता दिया। 


जबकि लोकसभा में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने साफ साफ कहा कि दो करोड़ 89 लाख लोगों की जो सूची जारी की गई है, वह अस्थाई है। जो 40 लाख लोग नागरिकता की सूची में शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें अपना दावा प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। नागरिकता के लिए जिन दस्तावेजों का होना जरूरी है, उन्हें प्रस्तुत कर सूची में नाम शामिल करवाया जा सकता है। 


असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल का भी कहना रहा कि हमारी किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है। हमने पहले ही कहा है कि सूची अस्थाई है। विपक्षी दलों के नेता कुछ भी आरोप लगाए, लेकिन सब जानते हैं कि बंगलादेश से बड़े पैमाने पर घुसपैठ हुई है। मिली भगत की वजह से बंगलादेश के नागरिकों ने पश्चिम बंगाल, असम आदि राज्यों में ही राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि नहीं बनवाए बल्कि राजस्थान जैसे राज्यों में भी ऐसे दस्तावेज हासिल कर लिए। आज ऐसे घुसपैठिएं धड़ल्ले से भारत का नागरिक बन कर रह रहे हैं। सब जानते है कि जब पूर्वी पाकिस्तान के बतौर बंगलादेश पाकिस्तान का हिस्सा था, तब पाकिस्तान की फौज ने बंगलादेशियों का कत्लेआम किया, तब बड़ी संख्या में बंगलादेशी भारत आ गए। 


कई राज्यों में बंगलादेशियों के लिए शरणार्थी शिविर खोले गए, तभी ऐसे शरणार्थियों की मदद के लिए भारत सरकार ने डाक शुल्क में 5 पैसे की वृद्धि कर दी। देश की जनता ने इस शुल्क के माध्यम से सरकार को सहयोग दिया ताकि बंगलादेशियों के लिए खाने पीने का इंतजाम हो सके। तभी 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने बंगलादेश में भारतीय सेना को भेज कर बंगलादेशियों को जुल्मों से मुक्ति दिलाई। हमारी सेना की वजह से ही बंगलादेश का जन्म हुआ। इंदिरा गांधी की इस दिलेरी को आज भी पूरा देश स्वीकारता है। 


पाकिस्तान के विभाजन के बाद यह माना गया कि शरणार्थी शिविरों में रह रहे बंगलादेशी वापस अपने देश लौट जाएंगे। लेकिन भारत में वोट की राजनीति के चलते लाखों शरणार्थी भारत में ही रह गए। यह सच्चाई किसी से छिपी नहीं है। गंभीर बात तो यह है कि आज भी सीमा में घुसपैठ जारी है। ऐसे में यदि असम में नागरिकता की जांच हो रही है तो  उस पर ऐतराज क्यों हो रहा है


मोदी ने राहुल के तंज का दिया जवाब कहा मैं देश का भागीदार बनकर खुश हूं


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच गए हैं. जहां उन्होंने 3,800 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए पीएम मोदी की इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.।मोदी ने योजनाओं के शुभारंभ के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना की तीसरी वर्षगांठ मना रहे हैं.


 असल मायनों में यह विकास की वर्षगांठ है. शहर के गरीब बेघर को पक्का घर देने का अभियान हो, 100 स्मार्टसिटी का काम हो या फिर 500 अमृत सिटी हो, करोड़ों देशवासियों के जीवन को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाने का हमारा संकल्प आज तीन साल बाद और अधिक मजबूत हुआ है।


मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोग मुझे देश का चौकीदार नहीं भागीदार कहते हैं. मैं 

उनसे कहना चाहता हूं कि मैं देश का भागीदार बनकर खुश हूं. मैं देश के विकास का भागीदार हूं. मैं देश की जनता के दुख दर्द का भागीदार हूं. मैं उनकी सुविधाओं का भागीदार हूं और हमेशा रहूंगा. पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि आज का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट अटल जी के विजन का नतीजा है.


‘मेड इन इंडिया’ के तहत निर्मित टैंक इंजन रक्षा मंत्री ने सेना को सौंपे


रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में निर्मित उच्च क्षमता और बहु ईंधन वाले दो श्रेणी के इंजनों को शनिवार को औपचारिक तौर पर थल सेना को सौंपा। आयुध निर्मात्री बोर्ड की इकाई इंजन फैक्टरी, अवाडि ने पहली बार केंद्र के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत इन इंजनों का निर्माण किया है।


कारखाने में आयोजित एक कार्यक्रम में सीतारमण ने दोनों तरह के इंजन के दस्तावेज थलसेना के उपाध्यक्ष देवराज अंबू को सौंपा। वी92एस2 इंजन 1000 हॉर्सपावर का है और उसका इस्तेमाल टी-90 भीष्म टैंक में किया जाएगा। वहीं वी-46-6 इंजन का प्रयोग टी-72 अजय टैंक में किया जाएगा। हालांकि रूसी डिजाइन के आधार पर इन इंजनों का निर्माण किया गया है।


भारत टर्बोचार्जर, सुपरचार्जर, फ्यूल इंजेक्शन पंप जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों के लिए रूस पर निर्भर था। इंजन फैक्टरी ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत इन दोनों इंजनों का निर्माण 100 प्रतिशत देशी सामान से किया है। इंजन कारखाने के स्वदेशीकरण के प्रयासों से हर साल 80 करोड़ रुपये की बचत की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी 46वीं बार आज करेंगे 'मन की बात'


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर 'मन की बात' की बात करेंगे. ये उनका 46वां 'मन की बात' कार्यक्रम है. बता दें कि पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे रेडियो के कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हैं. केंद्र सरकार की वेबसाइट www.mygov.in पर रविवार को होने वाले 'मन की बात' कार्यक्रम के लिए सुझाव मांगे गए थे.


इससे पहले 24 जून को प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने खेल और योग जैसे अहम मुद्दों पर बात की थी और भारत-अफगानिस्तान टेस्ट मैच को लेकर अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम को बधाई भी दी थी.।

डीएमके चीफ एम करुणानिधि की हालत गंभीर, कावेरी अस्पताल के बाहर लगा समर्थकों का जमावड़ा


डीएमके चीफ एम करुणानिधि तबियत बिगड़ने के चलते तीन दिन से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती हैं। यहां उन्हें देखने के लिए डीएमके नेता उमड़ रहे हैं। उन्हें देखने रविवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी अस्पताल पहुंचे थे। उनकी हालत स्थिर है, डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। 94 वर्षीय करुणानिधि का मेडिकल बुलेटिन रात 12 बजे के बाद जारी किया जाएगा।


एम करुणानिधि को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) से ब्लड प्रेशर में कमी के चलते शुक्रवार को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके परिवार के सभी लोग और डीएमके के वरिष्‍ठ नेता अस्‍पताल में मौजूद हैं।



अस्पताल में उन्हें देखने वालों की भीड़ के चलते सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। उनके समर्थक भी अस्पताल के बाहर जमे हुए हैं। मेडिकल बुलेटिन के बाद ही उनकी तबियत के बारे में सटीक जानकारी मिल पाएगी।

जयपुर:- आप पार्टी ने की घोषणा


राजस्थान की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी आप, कई कार्यकर्ताओं को पार्टी में नियुक्ति पत्र सौंपे 
मोदी ने राहुल के तंज का दिया जवाब कहा मैं देश का भागीदार बनकर खुश हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच गए हैं. जहां उन्होंने 3,800 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए पीएम मोदी की इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.।

मोदी ने योजनाओं के शुभारंभ के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना की तीसरी वर्षगांठ मना रहे हैं. असल मायनों में यह विकास की वर्षगांठ है. शहर के गरीब बेघर को पक्का घर देने का अभियान हो, 100 स्मार्टसिटी का काम हो या फिर 500 अमृत सिटी हो, करोड़ों देशवासियों के जीवन को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाने का हमारा संकल्प आज तीन साल बाद और अधिक मजबूत हुआ है।

मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोग मुझे देश का चौकीदार नहीं भागीदार कहते हैं. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि मैं देश का भागीदार बनकर खुश हूं. मैं देश के विकास का भागीदार हूं. मैं देश की जनता के दुख दर्द का भागीदार हूं. मैं उनकी सुविधाओं का भागीदार हूं और हमेशा रहूंगा. पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि आज का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट अटल जी के विजन का नतीजा है.
गरीबी ने मुझे हिम्मत और ईमानदारी दी है और मैं वहीं लोगों को बांट रहा हूँ।

पीएम मोदी का यूपी दौरा आज कई करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दो दिन दौरे पर पहुंचेंगे. यहां वह 3,800 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे. मोदी 28 जुलाई को प्रदेश की 3,800 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यशाला के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना में अच्छा काम करने वालों को पुरस्कार दिया जाएगा.


इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत व स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अलग-अलग पैनल डिस्कशन एक-साथ चलेंगे. इसमें देशभर से आए अधिकारी अपने-अपने यहां के अच्छे प्रोजेक्ट के बारे में बताएंगे. इस कार्यशाला में करीब 1400 से अधिक मेहमान हिस्सा ले रहे हैं.।

चंद्र ग्रहण :


27-28 जुलाई 2018 आषाढ़ पूर्णिमा ( गुरु पूर्णिमा) के दिन खग्रास यानी पूर्ण चंद्रग्रहण होने जा रहा है। यह ग्रहण कई मायनों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पूर्ण चंद्रग्रहण सदी का सबसे लंबा और बड़ा चंद्रग्रहण है। इसकी पूर्ण अवधि 3 घंटा 55 मिनट होगी। यह ग्रहण भारत समेत दुनिया के अधिकांश देशों में देखा जा सकेगा। इस चंद्रग्रहण को ब्लड मून कहा जा रहा है क्योंकि ग्रहण के दौरान एक अवस्था में पहुंचकर चंद्रमा का रंग रक्त की तरह लाल दिखाई देने लगेगा।  यह एक खगोलीय घटना है जिसमें चंद्रमा धरती के अत्यंत करीब दिखाई देता है। 



 खग्रास चंद्रग्रहण

 

यह खग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र तथा मकर राशि में लग रहा है। इसलिए जिन लोगों का जन्म उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र और जन्म राशि मकर या लग्न मकर है उनके लिए ग्रहण अशुभ रहेगा। मेष, सिंह, वृश्चिक व मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण श्रेष्ठ, वृषभ, कर्क, कन्या और धनु राशि के लिए ग्रहण मध्यम फलदायी तथा मिथुन, तुला, मकर व कुंभ राशि वालों के लिए अशुभ रहेगा।


 ग्रहण कब से कब तक 

ग्रहण 27 जुलाई की मध्यरात्रि से प्रारंभ होकर 28 जुलाई को तड़के समाप्त होगा।

 स्पर्श : रात्रि 11 बजकर 54 मिनट

 सम्मिलन : रात्रि 1 बजे

 मध्य : रात्रि 1 बजकर 52 मिनट

 उन्मीलन : रात्रि 2 बजकर 44 मिनट

 मोक्ष : रात्रि 3 बजकर 49 मिनट

 ग्रहण का कुल पर्व काल : 3 घंटा 55 मिनट


 सूतक कब प्रारंभ होगा 


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस खग्रास चंद्रग्रहण का सूतक आषाढ़ पूर्णिमा शुक्रवार दिनांक 27 जुलाई को ग्रहण प्रारंभ होने के तीन प्रहर यानी 9 घंटे पहले लग जाएगा। यानी 27 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 54 मिनट पर लग जाएगा। सूतक लगने के बाद कुछ भी खाना-पीना वर्जित रहता है। रोगी, वृद्ध, बच्चे और गर्भवती स्त्रियां सूतक के दौरान खाना-पीना कर सकती हैं। सूतक प्रारंभ होने से पहले पके हुए भोजन, पीने के पानी, दूध, दही आदि में तुलसी पत्र या कुशा डाल दें। इससे सूतक का प्रभाव इन चीजों पर नहीं होता।


  ग्रहण काल में क्या सावधानियां रखें 


*ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। इसलिए कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है।


*ग्रहणकाल में सोना नहीं चाहिए। वृद्ध, रोगी, बच्चे और गर्भवती स्त्रियां जरूरत के अनुसार सो सकती हैं। वैसे यह ग्रहण मध्यरात्रि से लेकर तड़के के बीच होगा इसलिए धरती के अधिकांश देशों के लोग निद्रा में होते हैं।


*ग्रहणकाल में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।


*ग्रहणकाल में यात्रा नहीं करना चाहिए, दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है।


*ग्रहणकाल में स्नान न करें। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें।


*ग्रहण को खुली आंखों से न देखें।


*ग्रहणकाल के दौरान गुरु प्रदत्त मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।


 गर्भवती स्त्रियां क्या करें 


ग्रहण का सबसे अधिक असर गर्भवती स्त्रियों पर होता है। ग्रहण काल के दौरान गर्भवती स्त्रियां घर से बाहर न निकलें। बाहर निकलना जरूरी हो तो गर्भ पर चंदन और तुलसी के पत्तों का लेप कर लें। इससे ग्रहण का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर नहीं होगा। ग्रहण काल के दौरान यदि खाना जरूरी हो तो सिर्फ खानपान की उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें जिनमें सूतक लगने से पहले तुलसी पत्र या कुशा डला हो।


 गर्भवती स्त्रियां ग्रहण के दौरान चाकू, छुरी, ब्लेड, कैंची जैसी काटने की किसी भी वस्तु का प्रयोग न करें। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के अंगों पर बुरा असर पड़ता है। सुई से सिलाई भी न करें। माना जाता है इससे बच्चे के कोई अंग जुड़ सकते हैं। ग्रहण काल के दौरान भगवान  के  नाम का जाप करती रहें।

करुणानिधि की सेहत और बिगड़ी, पीएम मोदी ने ट्वीट कर की जल्द स्वस्थ होने की कामना


तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम . करुणानिधि की सेहत काफी समय से ठीक नहीं है. मगर अभी उनकी सेहत में गिरावट आई जिसकी वजह से उनका इलाज चेन्नई में अपने घर पर चल रहा है. बुखार से पीड़ित एम करुणानिधि .


करुणानिधि से मिलने के लिए विभिन्न दलों के नेता शुक्रवार को उनके आवास पर पहुंचे. मूत्रनलिका संक्रमण के कारण बुखार से जूझ रह 94 वर्षीय द्रमुक प्रमुख एम . करूणानिधि के जल्दी स्वस्थ होने के लिए पीएम मोदी ने भी ट्वीट किया है और उनका हाल समाचार जाना है.


एम . करुणानिधि के स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा है , ‘थिरू एम . के . स्टालिन और कनिमोई जी से बातचीत की. कलैंग्नार करूणानिधि जी के स्वास्थ्य के बारे में पूछा और जरूरत पड़ने पर सहायता की पेशकश की.


मैं उनके जल्दी स्वस्थ्य होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.’ अपने नेता से मिलने आ रहे द्रमुक कार्यकर्ताओं की संख्या को देखते हुए गोपालपुरम स्थित करूणानिधि के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है


पीएम नरेंद्र मोदी को भेंट किया जाएगा बाराबंकी का भगवा गमछा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश में शुरू 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट' योजना ने गति पकड़ ली है. इसी योजना का एक उत्पाद कल उनको लखनऊ में भेंट भी किया जाएगा. प्रधानमंत्री कल 28 जुलाई को लखनऊ के दो दिन के दौरे पर आ रहे हैं.


लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ही बुनकर उत्पादों की ब्रांडिंग होगी. इसी के तहत उनको बाराबंकी में निर्मित भगवा गमछा भी भेंट किया जाएगा. बाराबंकी से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब दो हजार करोड़ का व्यापार होता है. बाराबंकी से शामिल बुनकरों के उत्पाद स्टोल (गमछा) की प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष ब्रांडिंग की तैयारी पूरी हो गई है. यहां के बुनकरों ने अपने हाथ से तैयार भगवा गमछा मोदी के लखनऊ आगमन पर उन्हें भेंट करने की अनुमति मांगी है.


उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय वरिष्ठ मंत्री प्रदीप कुमार जैन ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री को डीएम के माध्यम से आग्रह किया है. बाराबंकी में बनने वाले नायाब बुनकर उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में में छाए हुए हैं. यही वजह है कि जिले से बुनकर उत्पाद का सालाना टर्न ओवर करीब दो हजार करोड़ है. जुलाई 2017 में बुनकर उत्पादों पर भी जीएसटी लागू होने के बाद बुनकर उत्पाद व्यापार अब नियोजित होने लगा है.


अध्यापक की नौकरी छोड़ पिता ने शुरू किया था बिजनेस, बेटे ने कुछ घंटों में कमाए 3500 करोड़....


पिता ने टीचर की नौकरी छोड़ बिजनेस शुरू किया और अपने कारोबारी सफर के दौरान मुश्किल में फंसी कई कंपनियां खरीदकर अरबों रुपए का एम्पायर खड़ा किया। सोमवार बेटे के लिए ऐसा दिन साबित हुआ कि कुछ घंटों में ही कंपनी की वैल्थ लगभग 3500 करोड़ रुपए बढ़ गई। 

दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी सरकार का कुछ आइटम्स पर GST रेट घटाने का फैसला खासा फायदेमंद साबित हुआ। हम देश की बड़ी इलेक्ट्रिकल कंपनियों में शामिल Havells India की बात कर रहे हैं।

जीएसटी काउंसिल के फैसले का मिला फायदा :

जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को हुई मीटिंग में छोटे टेलीविजन, वाटर हीटर, इलेक्ट्रिक आयरनिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, हेयर ड्रायर, वैक्यूम क्लीनर, फूड अप्लायंसेज पर टैक्स रेट घटाकर 28 फीसदी से 18 फीसदी कर दिया। इसका हैवेल्स इंडिया के शेयर को खासा फायदा मिला। कंपनी का शेयर 9 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 610 रुपए के स्तर तक पहुंच गया।

3500 करोड़ रुपए बढ़ी हैवेल्स इंडिया की मार्केट वैल्यू

सरकार का जीएसटी में कमी के फैसले से प्रमोटर और सीएमडी अनिल राय गुप्ता की अगुआई वाली कंपनी हैवेल्स की मार्केट वैल्यू लगभग 3500 करोड़ रुपए बढ़ गई। शुक्रवार को स्टॉक मार्केट की क्लोजिंग के समय कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 34,700 करोड़ रुपए थी, जो सोमवार को कुछ ही घंटों के भीतर बढ़कर 38,200 करोड़ रुपए हो गई। 

यहां बता दें कि हैवेल्स को नई बुलंदियों पर पहुंचाने का श्रेय सीएमडी अनिल गुप्ता के पिता कीमत राय गुप्ता को जाता है, जिन्होंने टीचर की नौकरी छोड़कर इस बिजनेस एम्पायर की नींव डाली थी। कीमत राय गुप्ता का निधन 2014 में हो गया था। इससे पहले उनका जीवन खासा मुश्किलों भरा रहा।

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