जन समस्या

सुरेश मेघवंशी की कलम से............


अफसरों की लापरवाही का दंश जल रहा है कालियास श्मशान घाट !

श्मशान घाट में खुले में दाह संस्कार करने को मजबूर ग्रामीण .


ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारे श्मशान घाटो को  सुविधाजनक बनाने के लिए  कितने भी दावे कर ले लेकिन अफसरों की मनमर्जी एवं लापरवाही के आगे  कहीं ग्राम पंचायतों में श्मशान घाट  अपनी बदहाल स्थिति पर आंसू बहा रहे हैं !कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में तो आने जाने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था भी नहीं है कहीं गांव में श्मशान घाट में  बबूल उग आए  जहां पर  बड़ी मशक्कत के बाद  दाह संस्कार  कर पाते हैं कालियास मे तो शमशान मे लगे चद्दर भी  जंग खाकर गिर गए! ओर  पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने के कारण  ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खुले में दाह संस्कार करने पर मजबूर हो रहे हैं !



ऐसा ही मामला कालियास  ग्राम  में सामने आया करीब 8000 से अधिक की आबादी वाले ग्राम में चौधरी गुर्जर राजपूत ब्राह्मण साहू  सेन बलाई बावरी भील खटीक सुनार लोहार जैन रावणा राजपूत छिपा माहेश्वरी हरिजन सहित विभिन्न समाज के लोग निवास करते हैं . इतना बड़ा कस्बा होने के बावजूद भी आसींद उपखंड क्षेत्र के इस ग्राम में श्मशान घाट की स्थिति बदहाल हो रही है .
वर्तमान में रायला रोड पर  श्मशान भूमि  आवंटित करवाने के लिए यहां के ग्रामीणों सहित उप सरपंच निर्मल सुथार ने  कालियास मे 2017 में न्याय आपके द्वार शिविर में आसींद तहसीलदार के समक्ष फाइल जमा करवाइ. 


लेकिन  अफसरों की मनमर्जी के आगे  फ़ाइलें  धूल फांक रही है वह तहसील कार्यालय से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक  दौड़ते-दौड़ते दम तोड़ चुकी है !अभी तक उक्त श्मशान घाट की फाइल का निदान नहीं हो पाया ग्रामीणों ने  21 जनवरी 2017 को भीलवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पर  फाइल नंबर 1055 से  जानकारी मांगी  तो वहां से  उपखंड कार्यालय आसींद पर अपुर्ण सूचना होने के कारण वापस भेजने की जानकारी दी गई!   भीलवाड़ा कलेक्ट्रेट कार्यालय से आसींद उपखंड कार्यालय पर आई फाइल को 1 फरवरी 2017 को  आसीन्द तहसील कार्यालय में भेजी गई. जहां पर ग्रामीणों ने अप्रेल 2018 मे तहसील कार्यालय में  उक्त फाइल के संबंध में सूचना मांगी गई लेकिन  स्थानीय  अधिकारियों ने  फाइल ही नहीं आने का  आश्वासन दिया!


जबकि ग्रामीणों ने 14 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर भी  शिकायत दर्ज करवाई लेकिन आज तक नहीं तो उक्त फाइल आगे बढ़ सकी  और ना ही शमशान की भूमि  बिलानाम से श्मशान घाट के खाते में दर्ज हो सकी  !
वही इस मामले पर उपसरपंच  निर्मल सुथार -
का कहना है कि  मैं करीब 2 वर्षों से  इस श्मशान घाट की भूमि को बिलानाम भूमि से आवंटन करवाने में काफी मशक्कत एवं दौड़ भाग कर रहा हूं . लेकिन  अफसरों ने कहा कि आप की फाइल कहीं घूम चुकी है दूसरी फाइल बनवा कर प्रेषित करने के बाद ही जमीन आवंटन होगी जिसके कारण कालियास श्मशानघाट बदहाल स्थिति पड़ा हुवा हैं.

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